शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। अष्टमी तिथि 23:15 बजे तक, फिर नवमी 00:38 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 11:27 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 13:39 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शिव 18:29 बजे तक, फिर सिद्ध योग 18:37 (कल) बजे तक। बालव करण 10:21 बजे तक, उसके बाद कौलव 23:15 बजे तक, फिर तैतिल 12:01 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:47 से 12:22) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण अष्टमी
पिछले दिन21:20उसी दिन23:15
कृष्ण नवमी
उसी दिन23:15अगले दिन00:38
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व आषाढ़ा
पिछले दिन08:47उसी दिन11:27
उत्तर आषाढ़ा
उसी दिन11:27अगले दिन13:39
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
शिव
पिछले दिन17:56उसी दिन18:29
सिद्ध
उसी दिन18:29अगले दिन18:37
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
पिछले दिन21:20उसी दिन10:21
कौलव
उसी दिन10:21उसी दिन23:15
तैतिल
उसी दिन23:15अगले दिन12:01
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण अष्टमी · शुक्र
10 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 35 मि| 06:0107:36 | ||
| 07:3609:12 | ||
| 09:1210:47 | ||
| 10:4712:22 | ||
| 12:2213:58 | ||
| 13:5815:33 | ||
| 15:3317:08 | ||
| 17:0818:44 |
रात के समय
8·1 घं 25 मि| 18:4420:08 | ||
| 20:0821:33 | ||
| 21:3322:57 | ||
| 22:5700:22 | ||
| 00:2201:46 | ||
| 01:4603:11 | ||
| 03:1104:35 | ||
| 04:3506:00 |
दिन के समय
8·1 घं 35 मि| 06:0107:36 | ||
| 07:3609:12 | ||
| 09:1210:47 | ||
| 10:4712:22 | ||
| 12:2213:58 | ||
| 13:5815:33 | ||
| 15:3317:08 | ||
| 17:0818:44 |
रात के समय
8·1 घं 25 मि| 18:4420:08 | ||
| 20:0821:33 | ||
| 21:3322:57 | ||
| 22:5700:22 | ||
| 00:2201:46 | ||
| 01:4603:11 | ||
| 03:1104:35 | ||
| 04:3506:00 |
| 04:31→05:16 | ||
| 11:57→12:48 | ||
| 06:07→07:54 | ||
| 10:47→12:22 | ||
| 15:33→17:08 | ||
| 07:36→09:12 | ||
| 19:27→21:14 |
दिन के घंटे
12·1 घं 4 मि| 06:0107:04 | ||
| 07:0408:08 | ||
| 08:0809:12 | ||
| 09:1210:15 | ||
| 10:1511:19 | ||
| 11:1912:22 | ||
| 12:2213:26 | ||
| 13:2614:29 | ||
| 14:2915:33 | ||
| 15:3316:36 | ||
| 16:3617:40 | ||
| 17:4018:44 |
रात के घंटे
12·56 मि| 18:4419:40 | ||
| 19:4020:36 | ||
| 20:3621:33 | ||
| 21:3322:29 | ||
| 22:2923:25 | ||
| 23:2500:22 | ||
| 00:2201:18 | ||
| 01:1802:14 | ||
| 02:1403:11 | ||
| 03:1104:07 | ||
| 04:0705:03 | ||
| 05:0306:00 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 10 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
- 10 अप्रैल 2026 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
- 10 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 10 अप्रैल 2026 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग शिव है।
- 10 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:01 पर तथा सूर्यास्त 18:44 पर होगा।
- 10 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:47–12:22 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

