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Kundli GPT

गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज गुरुवार है। सप्तमी तिथि 21:20 बजे तक, फिर अष्टमी 23:15 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 08:47 बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 11:27 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग परिघ 17:56 बजे तक, फिर शिव योग 18:29 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:13 बजे तक, उसके बाद बव 21:20 बजे तक, फिर बालव 10:21 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:58 से 15:33) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण सप्तमी

      पिछले दिन 19:02 उसी दिन 21:20

    • कृष्ण अष्टमी

      उसी दिन 21:20 अगले दिन 23:15

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • चैत्र · वैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 05:53 उसी दिन 08:47

    • पूर्व आषाढ़ा

      उसी दिन 08:47 अगले दिन 11:27

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • परिघ

      पिछले दिन 17:09 उसी दिन 17:56

    • शिव

      उसी दिन 17:56 अगले दिन 18:29

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 19:02 उसी दिन 08:13

    • बव

      उसी दिन 08:13 उसी दिन 21:20

    • बालव

      उसी दिन 21:20 अगले दिन 10:21

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण सप्तमी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:02 – 07:37 रोग · 07:37 – 09:12 उद्वेग · 09:12 – 10:47 चल · 10:47 – 12:22 लाभ · 12:22 – 13:58 अमृत · 13:58 – 15:33 काल · 15:33 – 17:08 शुभ · 17:08 – 18:43 अमृत · 18:43 – 20:08 चल · 20:08 – 21:32 रोग · 21:32 – 22:57 काल · 22:57 – 00:22 लाभ · 00:22 – 01:47 उद्वेग · 01:47 – 03:11 शुभ · 03:11 – 04:36 अमृत · 04:36 – 06:01 शुभ · 06:02 – 07:37 रोग · 07:37 – 09:12 शून्य · 09:12 – 10:47 लाभ · 10:47 – 12:22 काल · 12:22 – 13:58 चल · 13:58 – 15:33 उद्योग · 15:33 – 17:08 अमृत · 17:08 – 18:43 लाभ · 18:43 – 20:08 चल · 20:08 – 21:32 शुभ · 21:32 – 22:57 उद्योग · 22:57 – 00:22 अमृत · 00:22 – 01:47 शून्य · 01:47 – 03:11 रोग · 03:11 – 04:36 काल · 04:36 – 06:01 ब्रह्म मुहूर्त · 04:31 – 05:17 अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:48 अमृत काल · 01:37 – 03:24 राहु काल · 13:58 – 15:33 यमगण्ड काल · 06:02 – 07:37 गुलिक काल · 09:12 – 10:47 वर्ज्यम् · 14:51 – 16:39 गुरु · 06:02 – 07:05 मंगल · 07:05 – 08:09 सूर्य · 08:09 – 09:12 शुक्र · 09:12 – 10:16 बुध · 10:16 – 11:19 चंद्र · 11:19 – 12:22 शनि · 12:22 – 13:26 गुरु · 13:26 – 14:29 मंगल · 14:29 – 15:33 सूर्य · 15:33 – 16:36 शुक्र · 16:36 – 17:40 बुध · 17:40 – 18:43 चंद्र · 18:43 – 19:39 शनि · 19:39 – 20:36 गुरु · 20:36 – 21:32 मंगल · 21:32 – 22:29 सूर्य · 22:29 – 23:25 शुक्र · 23:25 – 00:22 बुध · 00:22 – 01:18 चंद्र · 01:18 – 02:15 शनि · 02:15 – 03:11 गुरु · 03:11 – 04:08 मंगल · 04:08 – 05:04 सूर्य · 05:04 – 06:01

9 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 35 मि
06:02
07:37
09:12
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात के समय

8 · 1 घं 25 मि
18:43
20:08
21:32
22:57
00:22
01:47
03:11
04:36

दिन के समय

8 · 1 घं 35 मि
06:02
07:37
09:12
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात के समय

8 · 1 घं 25 मि
18:43
20:08
21:32
22:57
00:22
01:47
03:11
04:36
04:31 05:17
11:57 12:48
01:37 03:24
13:58 15:33
06:02 07:37
09:12 10:47
14:51 16:39

दिन के घंटे

12 · 1 घं 3 मि
06:02
07:05
08:09
09:12
10:16
11:19
12:22
13:26
14:29
15:33
16:36
17:40

रात के घंटे

12 · 56 मि
18:43
19:39
20:36
21:32
22:29
23:25
00:22
01:18
02:15
03:11
04:08
05:04

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
9 अप्रैल 2026 की तिथि कृष्ण सप्तमी है।
9 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
9 अप्रैल 2026 का नक्षत्र मूल और योग परिघ है।
9 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:02 पर तथा सूर्यास्त 18:43 पर होगा।
9 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:58–15:33 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।