बुधवार, 8 अप्रैल 2026
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। षष्ठी तिथि 19:02 बजे तक, फिर सप्तमी 21:20 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 08:47 (कल) बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 11:27 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वरीयान् 17:09 बजे तक, फिर परिघ योग 17:56 (कल) बजे तक। वणिज करण 19:02 बजे तक, उसके बाद विष्टि 08:13 (कल) बजे तक, फिर बव 21:20 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:23 से 13:58) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण षष्ठी
पिछले दिन16:34उसी दिन19:02
कृष्ण सप्तमी
उसी दिन19:02अगले दिन21:20
षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
मूल · पाद 1
उसी दिन05:53अगले दिन08:47
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
वरीयान्
पिछले दिन16:15उसी दिन17:09
परिघ
उसी दिन17:09अगले दिन17:56
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
वणिज
उसी दिन05:48उसी दिन19:02
विष्टि
उसी दिन19:02अगले दिन08:13
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण षष्ठी · बुध
8 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 35 मि| 06:0307:38 | ||
| 07:3809:13 | ||
| 09:1310:48 | ||
| 10:4812:23 | ||
| 12:2313:58 | ||
| 13:5815:33 | ||
| 15:3317:07 | ||
| 17:0718:42 |
रात के समय
8·1 घं 25 मि| 18:4220:07 | ||
| 20:0721:32 | ||
| 21:3222:57 | ||
| 22:5700:22 | ||
| 00:2201:47 | ||
| 01:4703:12 | ||
| 03:1204:37 | ||
| 04:3706:02 |
दिन के समय
8·1 घं 35 मि| 06:0307:38 | ||
| 07:3809:13 | ||
| 09:1310:48 | ||
| 10:4812:23 | ||
| 12:2313:58 | ||
| 13:5815:33 | ||
| 15:3317:07 | ||
| 17:0718:42 |
रात के समय
8·1 घं 25 मि| 18:4220:07 | ||
| 20:0721:32 | ||
| 21:3222:57 | ||
| 22:5700:22 | ||
| 00:2201:47 | ||
| 01:4703:12 | ||
| 03:1204:37 | ||
| 04:3706:02 |
| 04:32→05:18 | ||
| 01:37→03:24 | ||
| 12:23→13:58 | ||
| 07:38→09:13 | ||
| 10:48→12:23 | ||
| 14:51→16:39 |
दिन के घंटे
12·1 घं 3 मि| 06:0307:06 | ||
| 07:0608:10 | ||
| 08:1009:13 | ||
| 09:1310:16 | ||
| 10:1611:19 | ||
| 11:1912:23 | ||
| 12:2313:26 | ||
| 13:2614:29 | ||
| 14:2915:33 | ||
| 15:3316:36 | ||
| 16:3617:39 | ||
| 17:3918:42 |
रात के घंटे
12·57 मि| 18:4219:39 | ||
| 19:3920:36 | ||
| 20:3621:32 | ||
| 21:3222:29 | ||
| 22:2923:26 | ||
| 23:2600:22 | ||
| 00:2201:19 | ||
| 01:1902:15 | ||
| 02:1503:12 | ||
| 03:1204:09 | ||
| 04:0905:05 | ||
| 05:0506:02 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 8 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
- 8 अप्रैल 2026 की तिथि कृष्ण षष्ठी है।
- 8 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 8 अप्रैल 2026 का नक्षत्र मूल और योग वरीयान् है।
- 8 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:03 पर तथा सूर्यास्त 18:42 पर होगा।
- 8 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:23–13:58 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

