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Kundli GPT

रविवार, 11 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज रविवार है। पंचमी तिथि 21:39 बजे तक, फिर षष्ठी 19:35 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 14:52 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 13:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 19:35 बजे तक, फिर शोभन योग 16:47 (कल) बजे तक। बव करण 10:40 बजे तक, उसके बाद बालव 21:39 बजे तक, फिर कौलव 08:37 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:08 से 18:44) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 23:40 उसी दिन 21:39

    • शुक्ल षष्ठी

      उसी दिन 21:39 अगले दिन 19:35

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • चैत्र · वैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी

      पिछले दिन 16:06 उसी दिन 14:52

    • मृगशिरा

      उसी दिन 14:52 अगले दिन 13:33

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • सौभाग्य

      पिछले दिन 22:20 उसी दिन 19:35

    • शोभन

      उसी दिन 19:35 अगले दिन 16:47

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 23:40 उसी दिन 10:40

    • बालव

      उसी दिन 10:40 उसी दिन 21:39

    • कौलव

      उसी दिन 21:39 अगले दिन 08:37

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 06:00 – 07:36 चल · 07:36 – 09:11 लाभ · 09:11 – 10:47 अमृत · 10:47 – 12:22 काल · 12:22 – 13:58 शुभ · 13:58 – 15:33 रोग · 15:33 – 17:08 उद्वेग · 17:08 – 18:44 शुभ · 18:44 – 20:08 अमृत · 20:08 – 21:33 चल · 21:33 – 22:57 रोग · 22:57 – 00:22 काल · 00:22 – 01:46 लाभ · 01:46 – 03:10 उद्वेग · 03:10 – 04:35 शुभ · 04:35 – 05:59 उद्योग · 06:00 – 07:36 अमृत · 07:36 – 09:11 काल · 09:11 – 10:47 शुभ · 10:47 – 12:22 रोग · 12:22 – 13:58 शून्य · 13:58 – 15:33 लाभ · 15:33 – 17:08 चल · 17:08 – 18:44 शून्य · 18:44 – 20:08 लाभ · 20:08 – 21:33 चल · 21:33 – 22:57 रोग · 22:57 – 00:22 काल · 00:22 – 01:46 शुभ · 01:46 – 03:10 अमृत · 03:10 – 04:35 उद्योग · 04:35 – 05:59 ब्रह्म मुहूर्त · 04:30 – 05:15 अभिजित मुहूर्त · 11:57 – 12:48 अमृत काल · 11:50 – 13:21 राहु काल · 17:08 – 18:44 यमगण्ड काल · 12:22 – 13:58 गुलिक काल · 15:33 – 17:08 वर्ज्यम् · 07:17 – 08:48 सूर्य · 06:00 – 07:04 शुक्र · 07:04 – 08:07 बुध · 08:07 – 09:11 चंद्र · 09:11 – 10:15 शनि · 10:15 – 11:18 गुरु · 11:18 – 12:22 मंगल · 12:22 – 13:26 सूर्य · 13:26 – 14:29 शुक्र · 14:29 – 15:33 बुध · 15:33 – 16:37 चंद्र · 16:37 – 17:40 शनि · 17:40 – 18:44 गुरु · 18:44 – 19:40 मंगल · 19:40 – 20:36 सूर्य · 20:36 – 21:33 शुक्र · 21:33 – 22:29 बुध · 22:29 – 23:25 चंद्र · 23:25 – 00:22 शनि · 00:22 – 01:18 गुरु · 01:18 – 02:14 मंगल · 02:14 – 03:10 सूर्य · 03:10 – 04:07 शुक्र · 04:07 – 05:03 बुध · 05:03 – 05:59

11 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 35 मि
06:00
07:36
09:11
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात के समय

8 · 1 घं 24 मि
18:44
20:08
21:33
22:57
00:22
01:46
03:10
04:35

दिन के समय

8 · 1 घं 35 मि
06:00
07:36
09:11
10:47
12:22
13:58
15:33
17:08

रात के समय

8 · 1 घं 24 मि
18:44
20:08
21:33
22:57
00:22
01:46
03:10
04:35
04:30 05:15
11:57 12:48
11:50 13:21
17:08 18:44
12:22 13:58
15:33 17:08
07:17 08:48

दिन के घंटे

12 · 1 घं 4 मि
06:00
07:04
08:07
09:11
10:15
11:18
12:22
13:26
14:29
15:33
16:37
17:40

रात के घंटे

12 · 56 मि
18:44
19:40
20:36
21:33
22:29
23:25
00:22
01:18
02:14
03:10
04:07
05:03

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
11 अप्रैल 2027 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
11 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
11 अप्रैल 2027 का नक्षत्र रोहिणी और योग सौभाग्य है।
11 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:00 पर तथा सूर्यास्त 18:44 पर होगा।
11 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 17:08–18:44 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।