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पंचांग — अप्रैल 2027
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रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
दशमीउत्तर आषाढ़ा 06:112
पापमोचनी एकादशीश्रवण 06:103
द्वादशीधनिष्ठा 06:094
त्रयोदशीशतभिषा 06:085
चतुर्दशीपूर्व भाद्रपदा 06:076
अमावस्याउत्तर भाद्रपदा 06:06गुड़ी पड़वा7
प्रतिपदारेवती 06:058
द्वितीयाअश्विनी 06:039
तृतीयाभरणी 06:0210
चतुर्थीकृत्तिका 06:0111
पंचमीरोहिणी 06:0012
षष्ठीमृगशिरा 05:5913
सप्तमीआर्द्रा 05:5814
अष्टमीपुनर्वसु 05:57राम नवमी15
नवमीपुष्य 05:5616
दशमीआश्लेषा 05:5517
कामदा एकादशीमघा 05:5418
द्वादशीपूर्व फाल्गुनी 05:5319
त्रयोदशीहस्त 05:5220
पूर्णिमाचित्रा 05:51हनुमान जयंती21
प्रतिपदास्वाति 05:5022
द्वितीयाविशाखा 05:4923
तृतीयाअनुराधा 05:4824
चतुर्थीअनुराधा 05:4725
पंचमीज्येष्ठा 05:4626
पंचमीमूल 05:4527
षष्ठीपूर्व आषाढ़ा 05:4428
सप्तमीउत्तर आषाढ़ा 05:4329
अष्टमीश्रवण 05:4230
नवमीधनिष्ठा 05:41आजसोमवार, 13 जुलाई 2026कृष्ण चतुर्दशीमृगशिरा
आगामी पर्व
गुड़ी पड़वा
6 अप्रैल 20279 महीने मेंदक्खन का चंद्र नववर्ष — सृष्टि के आरंभ के प्रतीक रूप में प्रातः घर-घर गुड़ी फहराई जाती है। यह साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक है — पंचांग परंपरा के वे साढ़े तीन दिन जो हर शुभ आरंभ के लिए स्वयंसिद्ध माने जाते हैं।
चैत्र नवरात्रि
6 अप्रैल 20279 महीने मेंदेवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित नौ रातें, हिन्दू चंद्र वर्ष का आरंभ। उपवास, प्रार्थना और भक्ति संगीत के साथ मनाई जाती है।
राम नवमी
14 अप्रैल 20279 महीने मेंभगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्मोत्सव। रामायण पाठ, मंदिर दर्शन और भजन-कीर्तन के साथ मनाया जाता है।
हनुमान जयंती
20 अप्रैल 20279 महीने मेंश्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव का दिन। भक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हनुमान मंदिर में दर्शन करते हैं।

