गुरुवार, 1 अप्रैल 2027
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। दशमी तिथि कल तड़के तक है, फिर पापमोचनी एकादशी शुरू होगी। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर श्रवण में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:00 से 12:50 बजे तक, और राहु काल में न करें, 13:58 से 15:32 बजे तक। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण दशमी
पिछले दिन 22:16 अगले दिन 00:45 तक
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
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गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर आषाढ़ा
पिछले दिन 06:20 उसी दिन 09:24 तक
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फिर
श्रवण
उसी दिन 09:24 अगले दिन 12:15
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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शिव
पिछले दिन 07:51 उसी दिन 08:50 तक
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फिर
सिद्ध
उसी दिन 08:50 अगले दिन 09:39
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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वणिज
पिछले दिन 22:16 उसी दिन 11:33 तक
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फिर
विष्टि
उसी दिन 11:33 अगले दिन 00:45
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · गुरु
1 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 33 मि| 06:1107:45 | ||
| 07:4509:18 | ||
| 09:1810:51 | ||
| 10:5112:25 | ||
| 12:2513:58 | ||
| 13:5815:32 | ||
| 15:3217:05 | ||
| 17:0518:38 |
रात के समय
8·1 घं 26 मि| 18:3820:05 | ||
| 20:0521:31 | ||
| 21:3122:58 | ||
| 22:5800:24 | ||
| 00:2401:51 | ||
| 01:5103:17 | ||
| 03:1704:44 | ||
| 04:4406:10 |
दिन के समय
8·1 घं 33 मि| 06:1107:45 | ||
| 07:4509:18 | ||
| 09:1810:51 | ||
| 10:5112:25 | ||
| 12:2513:58 | ||
| 13:5815:32 | ||
| 15:3217:05 | ||
| 17:0518:38 |
रात के समय
8·1 घं 26 मि| 18:3820:05 | ||
| 20:0521:31 | ||
| 21:3122:58 | ||
| 22:5800:24 | ||
| 00:2401:51 | ||
| 01:5103:17 | ||
| 03:1704:44 | ||
| 04:4406:10 |
| 04:39→05:25 | ||
| 12:00→12:50 | ||
| 02:11→03:59 | ||
| 13:58→15:32 | ||
| 06:11→07:45 | ||
| 09:18→10:51 | ||
| 15:21→17:10 |
दिन के घंटे
12·1 घं 2 मि| 06:1107:14 | ||
| 07:1408:16 | ||
| 08:1609:18 | ||
| 09:1810:20 | ||
| 10:2011:23 | ||
| 11:2312:25 | ||
| 12:2513:27 | ||
| 13:2714:29 | ||
| 14:2915:32 | ||
| 15:3216:34 | ||
| 16:3417:36 | ||
| 17:3618:38 |
रात के घंटे
12·58 मि| 18:3819:36 | ||
| 19:3620:34 | ||
| 20:3421:31 | ||
| 21:3122:29 | ||
| 22:2923:27 | ||
| 23:2700:24 | ||
| 00:2401:22 | ||
| 01:2202:20 | ||
| 02:2003:17 | ||
| 03:1704:15 | ||
| 04:1505:13 | ||
| 05:1306:10 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
- 1 अप्रैल 2027 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 1 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 1 अप्रैल 2027 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग शिव है।
- 1 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:11 पर तथा सूर्यास्त 18:38 पर होगा।
- 1 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 13:58–15:32 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



