शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। एकादशी तिथि 02:52 (कल) बजे तक, फिर द्वादशी 04:26 (कल) बजे तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र 12:15 बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा 14:41 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 09:39 बजे तक, फिर साध्य योग 10:09 (कल) बजे तक। बव करण 13:52 बजे तक, उसके बाद बालव 02:52 (कल) बजे तक, फिर कौलव 15:44 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:51 से 12:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
पापमोचनी एकादशी
उसी दिन00:45अगले दिन02:52
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
श्रवण
पिछले दिन09:24उसी दिन12:15
धनिष्ठा
उसी दिन12:15अगले दिन14:41
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
सिद्ध
पिछले दिन08:50उसी दिन09:39
साध्य
उसी दिन09:39अगले दिन10:09
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
उसी दिन00:45उसी दिन13:52
बालव
उसी दिन13:52अगले दिन02:52
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण एकादशी · शुक्र
2 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 34 मि| 06:1007:44 | ||
| 07:4409:17 | ||
| 09:1710:51 | ||
| 10:5112:25 | ||
| 12:2513:58 | ||
| 13:5815:32 | ||
| 15:3217:05 | ||
| 17:0518:39 |
रात के समय
8·1 घं 26 मि| 18:3920:05 | ||
| 20:0521:31 | ||
| 21:3122:58 | ||
| 22:5800:24 | ||
| 00:2401:50 | ||
| 01:5003:17 | ||
| 03:1704:43 | ||
| 04:4306:09 |
दिन के समय
8·1 घं 34 मि| 06:1007:44 | ||
| 07:4409:17 | ||
| 09:1710:51 | ||
| 10:5112:25 | ||
| 12:2513:58 | ||
| 13:5815:32 | ||
| 15:3217:05 | ||
| 17:0518:39 |
रात के समय
8·1 घं 26 मि| 18:3920:05 | ||
| 20:0521:31 | ||
| 21:3122:58 | ||
| 22:5800:24 | ||
| 00:2401:50 | ||
| 01:5003:17 | ||
| 03:1704:43 | ||
| 04:4306:09 |
| 04:38→05:24 | ||
| 12:00→12:50 | ||
| 00:37→02:24 | ||
| 10:51→12:25 | ||
| 15:32→17:05 | ||
| 07:44→09:17 | ||
| 13:53→15:40 |
दिन के घंटे
12·1 घं 2 मि| 06:1007:13 | ||
| 07:1308:15 | ||
| 08:1509:17 | ||
| 09:1710:20 | ||
| 10:2011:22 | ||
| 11:2212:25 | ||
| 12:2513:27 | ||
| 13:2714:29 | ||
| 14:2915:32 | ||
| 15:3216:34 | ||
| 16:3417:37 | ||
| 17:3718:39 |
रात के घंटे
12·58 मि| 18:3919:36 | ||
| 19:3620:34 | ||
| 20:3421:31 | ||
| 21:3122:29 | ||
| 22:2923:26 | ||
| 23:2600:24 | ||
| 00:2401:22 | ||
| 01:2202:19 | ||
| 02:1903:17 | ||
| 03:1704:14 | ||
| 04:1405:12 | ||
| 05:1206:09 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
- 2 अप्रैल 2027 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
- 2 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 2 अप्रैल 2027 का नक्षत्र श्रवण और योग सिद्ध है।
- 2 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:10 पर तथा सूर्यास्त 18:39 पर होगा।
- 2 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:51–12:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

