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Kundli GPT

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शुक्रवार है। दशमी तिथि 11:22 बजे तक, फिर एकादशी 09:28 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 08:17 बजे तक, उसके बाद मघा 07:07 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 02:57 (कल) बजे तक, फिर वृद्धि योग 00:22 (कल) बजे तक। गर करण 11:22 बजे तक, उसके बाद वणिज 22:24 बजे तक, फिर विष्टि 09:28 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:44 से 12:21) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल दशमी

      पिछले दिन 13:21 उसी दिन 11:22

    • मोहिनी एकादशी

      उसी दिन 11:22 अगले दिन 09:28

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • वैशाख · ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 09:32 उसी दिन 08:17

    • मघा

      उसी दिन 08:17 अगले दिन 07:07

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • गण्ड

      उसी दिन 05:37 अगले दिन 02:57

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • गर

      उसी दिन 00:21 उसी दिन 11:22

    • वणिज

      उसी दिन 11:22 उसी दिन 22:24

    • विष्टि

      उसी दिन 22:24 अगले दिन 09:28

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल दशमी · शुक्र

00 06 12 18 चल · 05:55 – 07:31 लाभ · 07:31 – 09:08 अमृत · 09:08 – 10:44 काल · 10:44 – 12:21 शुभ · 12:21 – 13:57 रोग · 13:57 – 15:34 उद्वेग · 15:34 – 17:10 चल · 17:10 – 18:47 रोग · 18:47 – 20:10 काल · 20:10 – 21:34 लाभ · 21:34 – 22:57 उद्वेग · 22:57 – 00:20 शुभ · 00:20 – 01:44 अमृत · 01:44 – 03:07 चल · 03:07 – 04:30 रोग · 04:30 – 05:54 अमृत · 05:55 – 07:31 उद्योग · 07:31 – 09:08 चल · 09:08 – 10:44 काल · 10:44 – 12:21 शून्य · 12:21 – 13:57 लाभ · 13:57 – 15:34 शुभ · 15:34 – 17:10 रोग · 17:10 – 18:47 शुभ · 18:47 – 20:10 शून्य · 20:10 – 21:34 लाभ · 21:34 – 22:57 चल · 22:57 – 00:20 रोग · 00:20 – 01:44 काल · 01:44 – 03:07 अमृत · 03:07 – 04:30 उद्योग · 04:30 – 05:54 ब्रह्म मुहूर्त · 04:26 – 05:10 अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:47 अमृत काल · 06:46 – 08:17 राहु काल · 10:44 – 12:21 यमगण्ड काल · 15:34 – 17:10 गुलिक काल · 07:31 – 09:08 वर्ज्यम् · 21:40 – 23:11 शुक्र · 05:55 – 06:59 बुध · 06:59 – 08:03 चंद्र · 08:03 – 09:08 शनि · 09:08 – 10:12 गुरु · 10:12 – 11:16 मंगल · 11:16 – 12:21 सूर्य · 12:21 – 13:25 शुक्र · 13:25 – 14:29 बुध · 14:29 – 15:34 चंद्र · 15:34 – 16:38 शनि · 16:38 – 17:42 गुरु · 17:42 – 18:47 मंगल · 18:47 – 19:42 सूर्य · 19:42 – 20:38 शुक्र · 20:38 – 21:34 बुध · 21:34 – 22:29 चंद्र · 22:29 – 23:25 शनि · 23:25 – 00:20 गुरु · 00:20 – 01:16 मंगल · 01:16 – 02:11 सूर्य · 02:11 – 03:07 शुक्र · 03:07 – 04:03 बुध · 04:03 – 04:58 चंद्र · 04:58 – 05:54

16 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 37 मि
05:55
07:31
09:08
10:44
12:21
13:57
15:34
17:10

रात के समय

8 · 1 घं 23 मि
18:47
20:10
21:34
22:57
00:20
01:44
03:07
04:30

दिन के समय

8 · 1 घं 37 मि
05:55
07:31
09:08
10:44
12:21
13:57
15:34
17:10

रात के समय

8 · 1 घं 23 मि
18:47
20:10
21:34
22:57
00:20
01:44
03:07
04:30
04:26 05:10
11:55 12:47
06:46 08:17
10:44 12:21
15:34 17:10
07:31 09:08
21:40 23:11

दिन के घंटे

12 · 1 घं 4 मि
05:55
06:59
08:03
09:08
10:12
11:16
12:21
13:25
14:29
15:34
16:38
17:42

रात के घंटे

12 · 56 मि
18:47
19:42
20:38
21:34
22:29
23:25
00:20
01:16
02:11
03:07
04:03
04:58

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
16 अप्रैल 2027 की तिथि शुक्ल दशमी है।
16 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
16 अप्रैल 2027 का नक्षत्र आश्लेषा और योग गण्ड है।
16 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:55 पर तथा सूर्यास्त 18:47 पर होगा।
16 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:44–12:21 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।