गुरुवार, 16 अप्रैल 2026
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। चतुर्दशी तिथि रात तक है, फिर अमावस्या शुरू होगी। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर रेवती में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:55 से 12:46 बजे तक, और राहु काल में न करें, 13:57 से 15:34 बजे तक। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन 22:31 उसी दिन 20:11 तक
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फिर
अमावस्या
उसी दिन 20:11 अगले दिन 17:21
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
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गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर भाद्रपदा
पिछले दिन 15:22 उसी दिन 13:58 तक
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फिर
रेवती
उसी दिन 13:58 अगले दिन 12:01
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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ऐन्द्र
पिछले दिन 13:24 उसी दिन 10:36 तक
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फिर
वैधृति
उसी दिन 10:36 अगले दिन 07:20
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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विष्टि
पिछले दिन 22:31 उसी दिन 09:26 तक
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फिर
शकुनि
उसी दिन 09:26 उसी दिन 20:11
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फिर
चतुष्पाद
उसी दिन 20:11 अगले दिन 06:50
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · गुरु
16 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:31 | ||
| 07:3109:08 | ||
| 09:0810:44 | ||
| 10:4412:21 | ||
| 12:2113:57 | ||
| 13:5715:34 | ||
| 15:3417:10 | ||
| 17:1018:47 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:4720:10 | ||
| 20:1021:34 | ||
| 21:3422:57 | ||
| 22:5700:20 | ||
| 00:2001:43 | ||
| 01:4303:07 | ||
| 03:0704:30 | ||
| 04:3005:53 |
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:31 | ||
| 07:3109:08 | ||
| 09:0810:44 | ||
| 10:4412:21 | ||
| 12:2113:57 | ||
| 13:5715:34 | ||
| 15:3417:10 | ||
| 17:1018:47 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:4720:10 | ||
| 20:1021:34 | ||
| 21:3422:57 | ||
| 22:5700:20 | ||
| 00:2001:43 | ||
| 01:4303:07 | ||
| 03:0704:30 | ||
| 04:3005:53 |
| 04:25→05:10 | ||
| 11:55→12:46 | ||
| 09:27→10:57 | ||
| 13:57→15:34 | ||
| 05:54→07:31 | ||
| 09:08→10:44 | ||
| 00:24→01:55 |
दिन के घंटे
12·1 घं 4 मि| 05:5406:59 | ||
| 06:5908:03 | ||
| 08:0309:08 | ||
| 09:0810:12 | ||
| 10:1211:16 | ||
| 11:1612:21 | ||
| 12:2113:25 | ||
| 13:2514:29 | ||
| 14:2915:34 | ||
| 15:3416:38 | ||
| 16:3817:43 | ||
| 17:4318:47 |
रात के घंटे
12·56 मि| 18:4719:42 | ||
| 19:4220:38 | ||
| 20:3821:34 | ||
| 21:3422:29 | ||
| 22:2923:25 | ||
| 23:2500:20 | ||
| 00:2001:16 | ||
| 01:1602:11 | ||
| 02:1103:07 | ||
| 03:0704:02 | ||
| 04:0204:58 | ||
| 04:5805:53 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 16 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
- 16 अप्रैल 2026 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
- 16 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 16 अप्रैल 2026 का नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग ऐन्द्र है।
- 16 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:54 पर तथा सूर्यास्त 18:47 पर होगा।
- 16 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 13:57–15:34 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



