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बुधवार, 15 अप्रैल 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज बुधवार है। त्रयोदशी तिथि 22:31 बजे तक, फिर चतुर्दशी 20:11 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 15:22 बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 13:58 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ब्रह्म 13:24 बजे तक, फिर ऐन्द्र योग 10:36 (कल) बजे तक। गर करण 11:27 बजे तक, उसके बाद वणिज 22:31 बजे तक, फिर विष्टि 09:26 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:21 से 13:57) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      उसी दिन00:12उसी दिन22:31

    • कृष्ण चतुर्दशी

      उसी दिन22:31अगले दिन20:11

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा

      पिछले दिन16:05उसी दिन15:22

    • उत्तर भाद्रपदा

      उसी दिन15:22अगले दिन13:58

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • ब्रह्म

      पिछले दिन15:38उसी दिन13:24

    • ऐन्द्र

      उसी दिन13:24अगले दिन10:36

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      उसी दिन00:12उसी दिन11:27

    • वणिज

      उसी दिन11:27उसी दिन22:31

    • विष्टि

      उसी दिन22:31अगले दिन09:26

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · बुध

00061218लाभ · 05:56 – 07:32अमृत · 07:32 – 09:08काल · 09:08 – 10:45शुभ · 10:45 – 12:21रोग · 12:21 – 13:57उद्वेग · 13:57 – 15:34चल · 15:34 – 17:10लाभ · 17:10 – 18:46उद्वेग · 18:46 – 20:10शुभ · 20:10 – 21:33अमृत · 21:33 – 22:57चल · 22:57 – 00:20रोग · 00:20 – 01:44काल · 01:44 – 03:07लाभ · 03:07 – 04:31उद्वेग · 04:31 – 05:54लाभ · 05:56 – 07:32शुभ · 07:32 – 09:08अमृत · 09:08 – 10:45चल · 10:45 – 12:21उद्योग · 12:21 – 13:57शून्य · 13:57 – 15:34रोग · 15:34 – 17:10काल · 17:10 – 18:46शून्य · 18:46 – 20:10रोग · 20:10 – 21:33काल · 21:33 – 22:57शुभ · 22:57 – 00:20चल · 00:20 – 01:44अमृत · 01:44 – 03:07उद्योग · 03:07 – 04:31लाभ · 04:31 – 05:54ब्रह्म मुहूर्त · 04:26 – 05:11अमृत काल · 07:36 – 09:09राहु काल · 12:21 – 13:57यमगण्ड काल · 07:32 – 09:08गुलिक काल · 10:45 – 12:21वर्ज्यम् · 22:17 – 23:51बुध · 05:56 – 07:00चंद्र · 07:00 – 08:04शनि · 08:04 – 09:08गुरु · 09:08 – 10:12मंगल · 10:12 – 11:17सूर्य · 11:17 – 12:21शुक्र · 12:21 – 13:25बुध · 13:25 – 14:29चंद्र · 14:29 – 15:34शनि · 15:34 – 16:38गुरु · 16:38 – 17:42मंगल · 17:42 – 18:46सूर्य · 18:46 – 19:42शुक्र · 19:42 – 20:38बुध · 20:38 – 21:33चंद्र · 21:33 – 22:29शनि · 22:29 – 23:25गुरु · 23:25 – 00:20मंगल · 00:20 – 01:16सूर्य · 01:16 – 02:12शुक्र · 02:12 – 03:07बुध · 03:07 – 04:03चंद्र · 04:03 – 04:59शनि · 04:59 – 05:54

15 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 36 मि
05:56
07:32
09:08
10:45
12:21
13:57
15:34
17:10

रात के समय

8·1 घं 24 मि
18:46
20:10
21:33
22:57
00:20
01:44
03:07
04:31

दिन के समय

8·1 घं 36 मि
05:56
07:32
09:08
10:45
12:21
13:57
15:34
17:10

रात के समय

8·1 घं 24 मि
18:46
20:10
21:33
22:57
00:20
01:44
03:07
04:31
04:2605:11
07:3609:09
12:2113:57
07:3209:08
10:4512:21
22:1723:51

दिन के घंटे

12·1 घं 4 मि
05:56
07:00
08:04
09:08
10:12
11:17
12:21
13:25
14:29
15:34
16:38
17:42

रात के घंटे

12·56 मि
18:46
19:42
20:38
21:33
22:29
23:25
00:20
01:16
02:12
03:07
04:03
04:59

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
15 अप्रैल 2026 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
15 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
15 अप्रैल 2026 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग ब्रह्म है।
15 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:56 पर तथा सूर्यास्त 18:46 पर होगा।
15 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:21–13:57 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।