मंगलवार, 15 अप्रैल 2025
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। द्वितीया तिथि 10:55 बजे तक, फिर तृतीया 13:17 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 03:09 (कल) बजे तक, उसके बाद अनुराधा 05:54 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 23:31 बजे तक, फिर व्यतीपात योग 00:17 (कल) बजे तक। गर करण 10:55 बजे तक, उसके बाद वणिज 00:08 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 13:17 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:34 से 17:10) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण द्वितीया
पिछले दिन 08:25 उसी दिन 10:55
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कृष्ण तृतीया
उसी दिन 10:55 अगले दिन 13:17
द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।
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मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
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वैशाख · ज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
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विशाखा · पाद 1
उसी दिन 00:13 अगले दिन 03:09
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
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सिद्धि
पिछले दिन 22:37 उसी दिन 23:31
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व्यतीपात
उसी दिन 23:31 अगले दिन 00:17
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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गर
पिछले दिन 21:41 उसी दिन 10:55
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वणिज
उसी दिन 10:55 अगले दिन 00:08
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण द्वितीया · मंगल
15 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 36 मि| 05:55 07:32 | ||
| 07:32 09:08 | ||
| 09:08 10:44 | ||
| 10:44 12:21 | ||
| 12:21 13:57 | ||
| 13:57 15:34 | ||
| 15:34 17:10 | ||
| 17:10 18:46 |
रात के समय
8 · 1 घं 23 मि| 18:46 20:10 | ||
| 20:10 21:33 | ||
| 21:33 22:57 | ||
| 22:57 00:20 | ||
| 00:20 01:44 | ||
| 01:44 03:07 | ||
| 03:07 04:31 | ||
| 04:31 05:54 |
दिन के समय
8 · 1 घं 36 मि| 05:55 07:32 | ||
| 07:32 09:08 | ||
| 09:08 10:44 | ||
| 10:44 12:21 | ||
| 12:21 13:57 | ||
| 13:57 15:34 | ||
| 15:34 17:10 | ||
| 17:10 18:46 |
रात के समय
8 · 1 घं 23 मि| 18:46 20:10 | ||
| 20:10 21:33 | ||
| 21:33 22:57 | ||
| 22:57 00:20 | ||
| 00:20 01:44 | ||
| 01:44 03:07 | ||
| 03:07 04:31 | ||
| 04:31 05:54 |
| 04:26 → 05:11 | ||
| 11:55 → 12:47 | ||
| 17:17 → 19:04 | ||
| 15:34 → 17:10 | ||
| 09:08 → 10:44 | ||
| 12:21 → 13:57 | ||
| 06:30 → 08:18 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 4 मि| 05:55 07:00 | ||
| 07:00 08:04 | ||
| 08:04 09:08 | ||
| 09:08 10:12 | ||
| 10:12 11:17 | ||
| 11:17 12:21 | ||
| 12:21 13:25 | ||
| 13:25 14:29 | ||
| 14:29 15:34 | ||
| 15:34 16:38 | ||
| 16:38 17:42 | ||
| 17:42 18:46 |
रात के घंटे
12 · 56 मि| 18:46 19:42 | ||
| 19:42 20:38 | ||
| 20:38 21:33 | ||
| 21:33 22:29 | ||
| 22:29 23:25 | ||
| 23:25 00:20 | ||
| 00:20 01:16 | ||
| 01:16 02:12 | ||
| 02:12 03:07 | ||
| 03:07 04:03 | ||
| 04:03 04:59 | ||
| 04:59 05:54 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 15 अप्रैल 2025 की तिथि क्या है?
- 15 अप्रैल 2025 की तिथि कृष्ण द्वितीया है।
- 15 अप्रैल 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 15 अप्रैल 2025 का नक्षत्र विशाखा और योग सिद्धि है।
- 15 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:55 पर तथा सूर्यास्त 18:46 पर होगा।
- 15 अप्रैल 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:34–17:10 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।