हनुमान जयंती
हनुमान जन्मोत्सव
जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।
श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव का दिन। भक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हनुमान मंदिर में दर्शन करते हैं।
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। आज हनुमान जयंती है। पूर्णिमा तिथि कल तड़के तक है, फिर प्रतिपदा शुरू होगी। चन्द्रमा चित्रा नक्षत्र में कल तड़के तक है, फिर स्वाति में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:54 से 12:46 बजे तक, और राहु काल में न करें, 15:35 से 17:12 बजे तक। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
हनुमान जन्मोत्सव
जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।
श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव का दिन। भक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हनुमान मंदिर में दर्शन करते हैं।
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
पूर्णिमा
उसी दिन 04:51 अगले दिन 03:57 तक
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
चित्रा · पाद 1
उसी दिन 04:40 अगले दिन 04:27 तक
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
हर्षण
पिछले दिन 19:43 उसी दिन 17:45 तक
वज्र
उसी दिन 17:45 अगले दिन 16:08
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
उसी दिन 04:51 उसी दिन 16:21 तक
बव
उसी दिन 16:21 अगले दिन 03:57
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
पूर्णिमा · मंगल
20 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5107:28 | ||
| 07:2809:05 | ||
| 09:0510:43 | ||
| 10:4312:20 | ||
| 12:2013:57 | ||
| 13:5715:35 | ||
| 15:3517:12 | ||
| 17:1218:49 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:4920:12 | ||
| 20:1221:34 | ||
| 21:3422:57 | ||
| 22:5700:19 | ||
| 00:1901:42 | ||
| 01:4203:05 | ||
| 03:0504:27 | ||
| 04:2705:50 |
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5107:28 | ||
| 07:2809:05 | ||
| 09:0510:43 | ||
| 10:4312:20 | ||
| 12:2013:57 | ||
| 13:5715:35 | ||
| 15:3517:12 | ||
| 17:1218:49 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:4920:12 | ||
| 20:1221:34 | ||
| 21:3422:57 | ||
| 22:5700:19 | ||
| 00:1901:42 | ||
| 01:4203:05 | ||
| 03:0504:27 | ||
| 04:2705:50 |
| 04:22→05:07 | ||
| 11:54→12:46 | ||
| 22:07→23:42 | ||
| 15:35→17:12 | ||
| 09:05→10:43 | ||
| 12:20→13:57 | ||
| 12:36→14:11 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:5106:56 | ||
| 06:5608:00 | ||
| 08:0009:05 | ||
| 09:0510:10 | ||
| 10:1011:15 | ||
| 11:1512:20 | ||
| 12:2013:25 | ||
| 13:2514:30 | ||
| 14:3015:35 | ||
| 15:3516:39 | ||
| 16:3917:44 | ||
| 17:4418:49 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:4919:44 | ||
| 19:4420:39 | ||
| 20:3921:34 | ||
| 21:3422:29 | ||
| 22:2923:24 | ||
| 23:2400:19 | ||
| 00:1901:14 | ||
| 01:1402:09 | ||
| 02:0903:05 | ||
| 03:0504:00 | ||
| 04:0004:55 | ||
| 04:5505:50 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
KundliGPT का उपयोग कैसे होता है, यह समझने और इसे बेहतर बनाने के लिए हम कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति ·