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Kundli GPT

सोमवार, 5 अप्रैल 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज सोमवार है। चतुर्दशी तिथि 05:40 (कल) बजे तक, फिर अमावस्या 05:21 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 17:46 बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 18:22 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुक्ल 09:46 बजे तक, फिर ब्रह्म योग 08:49 (कल) बजे तक। विष्टि करण 17:37 बजे तक, उसके बाद शकुनि 05:40 (कल) बजे तक, फिर चतुष्पाद 17:35 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:41 से 09:15) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      उसी दिन 05:23 अगले दिन 05:40

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • चैत्र · वैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा

      पिछले दिन 16:32 उसी दिन 17:46

    • उत्तर भाद्रपदा

      उसी दिन 17:46 अगले दिन 18:22

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 10:12 उसी दिन 09:46

    • ब्रह्म

      उसी दिन 09:46 अगले दिन 08:49

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      उसी दिन 05:23 उसी दिन 17:37

    • शकुनि

      उसी दिन 17:37 अगले दिन 05:40

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · सोम

00 06 12 18 अमृत · 06:07 – 07:41 काल · 07:41 – 09:15 शुभ · 09:15 – 10:49 रोग · 10:49 – 12:24 उद्वेग · 12:24 – 13:58 चल · 13:58 – 15:32 लाभ · 15:32 – 17:06 अमृत · 17:06 – 18:41 चल · 18:41 – 20:06 रोग · 20:06 – 21:32 काल · 21:32 – 22:58 लाभ · 22:58 – 00:23 उद्वेग · 00:23 – 01:49 शुभ · 01:49 – 03:14 अमृत · 03:14 – 04:40 चल · 04:40 – 06:06 चल · 06:07 – 07:41 लाभ · 07:41 – 09:15 शून्य · 09:15 – 10:49 रोग · 10:49 – 12:24 शुभ · 12:24 – 13:58 काल · 13:58 – 15:32 अमृत · 15:32 – 17:06 उद्योग · 17:06 – 18:41 उद्योग · 18:41 – 20:06 अमृत · 20:06 – 21:32 शुभ · 21:32 – 22:58 काल · 22:58 – 00:23 रोग · 00:23 – 01:49 चल · 01:49 – 03:14 लाभ · 03:14 – 04:40 शून्य · 04:40 – 06:06 ब्रह्म मुहूर्त · 04:35 – 05:21 अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:49 अमृत काल · 09:21 – 11:02 राहु काल · 07:41 – 09:15 यमगण्ड काल · 10:49 – 12:24 गुलिक काल · 13:58 – 15:32 वर्ज्यम् · 23:16 – 00:57 चंद्र · 06:07 – 07:10 शनि · 07:10 – 08:12 गुरु · 08:12 – 09:15 मंगल · 09:15 – 10:18 सूर्य · 10:18 – 11:21 शुक्र · 11:21 – 12:24 बुध · 12:24 – 13:27 चंद्र · 13:27 – 14:29 शनि · 14:29 – 15:32 गुरु · 15:32 – 16:35 मंगल · 16:35 – 17:38 सूर्य · 17:38 – 18:41 शुक्र · 18:41 – 19:38 बुध · 19:38 – 20:35 चंद्र · 20:35 – 21:32 शनि · 21:32 – 22:29 गुरु · 22:29 – 23:26 मंगल · 23:26 – 00:23 सूर्य · 00:23 – 01:20 शुक्र · 01:20 – 02:17 बुध · 02:17 – 03:14 चंद्र · 03:14 – 04:11 शनि · 04:11 – 05:09 गुरु · 05:09 – 06:06

5 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 34 मि
06:07
07:41
09:15
10:49
12:24
13:58
15:32
17:06

रात के समय

8 · 1 घं 26 मि
18:41
20:06
21:32
22:58
00:23
01:49
03:14
04:40

दिन के समय

8 · 1 घं 34 मि
06:07
07:41
09:15
10:49
12:24
13:58
15:32
17:06

रात के समय

8 · 1 घं 26 मि
18:41
20:06
21:32
22:58
00:23
01:49
03:14
04:40
04:35 05:21
11:59 12:49
09:21 11:02
07:41 09:15
10:49 12:24
13:58 15:32
23:16 00:57

दिन के घंटे

12 · 1 घं 3 मि
06:07
07:10
08:12
09:15
10:18
11:21
12:24
13:27
14:29
15:32
16:35
17:38

रात के घंटे

12 · 57 मि
18:41
19:38
20:35
21:32
22:29
23:26
00:23
01:20
02:17
03:14
04:11
05:09

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 अप्रैल 2027 की तिथि क्या है?
5 अप्रैल 2027 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
5 अप्रैल 2027 का नक्षत्र क्या है?
5 अप्रैल 2027 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग शुक्ल है।
5 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:07 पर तथा सूर्यास्त 18:41 पर होगा।
5 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 07:41–09:15 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।