रविवार, 5 अप्रैल 2026
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। तृतीया तिथि 12:00 बजे तक, फिर चतुर्थी 14:11 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 00:07 (कल) बजे तक, उसके बाद अनुराधा 02:56 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 14:42 बजे तक, फिर सिद्धि योग 15:24 (कल) बजे तक। विष्टि करण 12:00 बजे तक, उसके बाद बव 01:03 (कल) बजे तक, फिर बालव 14:11 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:06 से 18:41) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
-
कृष्ण तृतीया
पिछले दिन 10:09 उसी दिन 12:00
-
कृष्ण चतुर्थी
उसी दिन 12:00 अगले दिन 14:11
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
-
-
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
-
चैत्र · वैशाख
नक्षत्र · योग · करण
-
-
विशाखा · पाद 2
पिछले दिन 21:34 अगले दिन 00:07
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
-
-
-
वज्र
पिछले दिन 14:15 उसी दिन 14:42
-
सिद्धि
उसी दिन 14:42 अगले दिन 15:24
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
-
-
-
विष्टि
पिछले दिन 23:02 उसी दिन 12:00
-
बव
उसी दिन 12:00 अगले दिन 01:03
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण तृतीया · रवि
5 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 34 मि| 06:06 07:41 | ||
| 07:41 09:15 | ||
| 09:15 10:49 | ||
| 10:49 12:24 | ||
| 12:24 13:58 | ||
| 13:58 15:32 | ||
| 15:32 17:06 | ||
| 17:06 18:41 |
रात के समय
8 · 1 घं 26 मि| 18:41 20:06 | ||
| 20:06 21:32 | ||
| 21:32 22:57 | ||
| 22:57 00:23 | ||
| 00:23 01:49 | ||
| 01:49 03:14 | ||
| 03:14 04:40 | ||
| 04:40 06:05 |
दिन के समय
8 · 1 घं 34 मि| 06:06 07:41 | ||
| 07:41 09:15 | ||
| 09:15 10:49 | ||
| 10:49 12:24 | ||
| 12:24 13:58 | ||
| 13:58 15:32 | ||
| 15:32 17:06 | ||
| 17:06 18:41 |
रात के समय
8 · 1 घं 26 मि| 18:41 20:06 | ||
| 20:06 21:32 | ||
| 21:32 22:57 | ||
| 22:57 00:23 | ||
| 00:23 01:49 | ||
| 01:49 03:14 | ||
| 03:14 04:40 | ||
| 04:40 06:05 |
| 04:35 → 05:21 | ||
| 11:58 → 12:49 | ||
| 14:23 → 16:09 | ||
| 17:06 → 18:41 | ||
| 12:24 → 13:58 | ||
| 15:32 → 17:06 | ||
| 03:46 → 05:32 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 3 मि| 06:06 07:09 | ||
| 07:09 08:12 | ||
| 08:12 09:15 | ||
| 09:15 10:18 | ||
| 10:18 11:21 | ||
| 11:21 12:24 | ||
| 12:24 13:26 | ||
| 13:26 14:29 | ||
| 14:29 15:32 | ||
| 15:32 16:35 | ||
| 16:35 17:38 | ||
| 17:38 18:41 |
रात के घंटे
12 · 57 मि| 18:41 19:38 | ||
| 19:38 20:35 | ||
| 20:35 21:32 | ||
| 21:32 22:29 | ||
| 22:29 23:26 | ||
| 23:26 00:23 | ||
| 00:23 01:20 | ||
| 01:20 02:17 | ||
| 02:17 03:14 | ||
| 03:14 04:11 | ||
| 04:11 05:08 | ||
| 05:08 06:05 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
- 5 अप्रैल 2026 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
- 5 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 5 अप्रैल 2026 का नक्षत्र विशाखा और योग वज्र है।
- 5 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:06 पर तथा सूर्यास्त 18:41 पर होगा।
- 5 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:06–18:41 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।