शुक्रवार, 12 अप्रैल 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। चतुर्थी तिथि 13:12 बजे तक, फिर पंचमी 12:04 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 00:50 (कल) बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 00:48 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 02:12 (कल) बजे तक, फिर शोभन योग 00:33 (कल) बजे तक। विष्टि करण 13:12 बजे तक, उसके बाद बव 00:32 (कल) बजे तक, फिर बालव 12:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:46 से 12:22) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल चतुर्थी
पिछले दिन15:03उसी दिन13:12
शुक्ल पंचमी
उसी दिन13:12अगले दिन12:04
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
रोहिणी · पाद 1
उसी दिन01:37अगले दिन00:50
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
सौभाग्य
उसी दिन04:28अगले दिन02:12
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
उसी दिन02:02उसी दिन13:12
बव
उसी दिन13:12अगले दिन00:32
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्थी · शुक्र
12 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 36 मि| 05:5807:34 | ||
| 07:3409:10 | ||
| 09:1010:46 | ||
| 10:4612:22 | ||
| 12:2213:57 | ||
| 13:5715:33 | ||
| 15:3317:09 | ||
| 17:0918:45 |
रात के समय
8·1 घं 24 मि| 18:4520:09 | ||
| 20:0921:33 | ||
| 21:3322:57 | ||
| 22:5700:21 | ||
| 00:2101:45 | ||
| 01:4503:09 | ||
| 03:0904:33 | ||
| 04:3305:57 |
दिन के समय
8·1 घं 36 मि| 05:5807:34 | ||
| 07:3409:10 | ||
| 09:1010:46 | ||
| 10:4612:22 | ||
| 12:2213:57 | ||
| 13:5715:33 | ||
| 15:3317:09 | ||
| 17:0918:45 |
रात के समय
8·1 घं 24 मि| 18:4520:09 | ||
| 20:0921:33 | ||
| 21:3322:57 | ||
| 22:5700:21 | ||
| 00:2101:45 | ||
| 01:4503:09 | ||
| 03:0904:33 | ||
| 04:3305:57 |
| 04:28→05:13 | ||
| 11:56→12:47 | ||
| 21:44→23:17 | ||
| 10:46→12:22 | ||
| 15:33→17:09 | ||
| 07:34→09:10 | ||
| 17:06→18:39 |
दिन के घंटे
12·1 घं 4 मि| 05:5807:02 | ||
| 07:0208:06 | ||
| 08:0609:10 | ||
| 09:1010:14 | ||
| 10:1411:18 | ||
| 11:1812:22 | ||
| 12:2213:25 | ||
| 13:2514:29 | ||
| 14:2915:33 | ||
| 15:3316:37 | ||
| 16:3717:41 | ||
| 17:4118:45 |
रात के घंटे
12·56 मि| 18:4519:41 | ||
| 19:4120:37 | ||
| 20:3721:33 | ||
| 21:3322:29 | ||
| 22:2923:25 | ||
| 23:2500:21 | ||
| 00:2101:17 | ||
| 01:1702:13 | ||
| 02:1303:09 | ||
| 03:0904:05 | ||
| 04:0505:01 | ||
| 05:0105:57 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 12 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
- 12 अप्रैल 2024 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
- 12 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 12 अप्रैल 2024 का नक्षत्र रोहिणी और योग सौभाग्य है।
- 12 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:58 पर तथा सूर्यास्त 18:45 पर होगा।
- 12 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:46–12:22 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

