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पंचांग — अप्रैल 2024
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रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
सप्तमी मूल 06:11 2
अष्टमी पूर्व आषाढ़ा 06:09 3
नवमी उत्तर आषाढ़ा 06:08 4
दशमी श्रवण 06:07 5
वरूथिनी एकादशी धनिष्ठा 06:06 6
द्वादशी शतभिषा 06:05 7
त्रयोदशी पूर्व भाद्रपदा 06:04 8
अमावस्या उत्तर भाद्रपदा 06:03 गुड़ी पड़वा 9
प्रतिपदा रेवती 06:02 10
द्वितीया भरणी 06:00 11
तृतीया कृत्तिका 05:59 12
चतुर्थी रोहिणी 05:58 13
पंचमी मृगशिरा 05:57 14
षष्ठी आर्द्रा 05:56 15
सप्तमी पुनर्वसु 05:55 16
अष्टमी पुष्य 05:54 राम नवमी 17
नवमी आश्लेषा 05:53 18
दशमी आश्लेषा 05:52 19
मोहिनी एकादशी मघा 05:51 20
द्वादशी पूर्व फाल्गुनी 05:50 21
त्रयोदशी उत्तर फाल्गुनी 05:49 22
चतुर्दशी हस्त 05:48 हनुमान जयंती 23
पूर्णिमा चित्रा 05:47 24
प्रतिपदा स्वाति 05:46 25
प्रतिपदा विशाखा 05:45 26
द्वितीया अनुराधा 05:44 27
तृतीया ज्येष्ठा 05:43 28
चतुर्थी मूल 05:42 29
पंचमी पूर्व आषाढ़ा 05:41 30
षष्ठी उत्तर आषाढ़ा 05:41 आज मंगलवार, 23 जून 2026 शुक्ल नवमी हस्त
आगामी पर्व
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गुड़ी पड़वा
8 अप्रैल 2024दक्खन का चंद्र नववर्ष — सृष्टि के आरंभ के प्रतीक रूप में प्रातः घर-घर गुड़ी फहराई जाती है। यह साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक है — पंचांग परंपरा के वे साढ़े तीन दिन जो हर शुभ आरंभ के लिए स्वयंसिद्ध माने जाते हैं।
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चैत्र नवरात्रि
8 अप्रैल 2024देवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित नौ रातें, हिन्दू चंद्र वर्ष का आरंभ। उपवास, प्रार्थना और भक्ति संगीत के साथ मनाई जाती है।
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राम नवमी
16 अप्रैल 2024भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्मोत्सव। रामायण पाठ, मंदिर दर्शन और भजन-कीर्तन के साथ मनाया जाता है।
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हनुमान जयंती
22 अप्रैल 2024श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव का दिन। भक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हनुमान मंदिर में दर्शन करते हैं।