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Kundli GPT

मंगलवार, 30 अप्रैल 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। षष्ठी तिथि 07:05 बजे तक, फिर सप्तमी 05:46 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 04:09 (कल) बजे तक, उसके बाद श्रवण 03:10 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 22:23 बजे तक, फिर शुभ योग 20:00 (कल) बजे तक। वणिज करण 07:05 बजे तक, उसके बाद विष्टि 18:29 बजे तक, फिर बव 05:46 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:37 से 17:16) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण षष्ठी

      पिछले दिन 07:57 उसी दिन 07:05

    • कृष्ण सप्तमी

      उसी दिन 07:05 अगले दिन 05:46

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • वैशाख · ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा · पाद 1

      उसी दिन 04:42 अगले दिन 04:09

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • साध्य

      उसी दिन 00:25 उसी दिन 22:23

    • शुभ

      उसी दिन 22:23 अगले दिन 20:00

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 19:35 उसी दिन 07:05

    • विष्टि

      उसी दिन 07:05 उसी दिन 18:29

    • बव

      उसी दिन 18:29 अगले दिन 05:46

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण षष्ठी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 05:41 – 07:20 उद्वेग · 07:20 – 08:59 चल · 08:59 – 10:39 लाभ · 10:39 – 12:18 अमृत · 12:18 – 13:57 काल · 13:57 – 15:37 शुभ · 15:37 – 17:16 रोग · 17:16 – 18:55 लाभ · 18:55 – 20:16 उद्वेग · 20:16 – 21:37 शुभ · 21:37 – 22:57 अमृत · 22:57 – 00:18 चल · 00:18 – 01:38 रोग · 01:38 – 02:59 काल · 02:59 – 04:19 लाभ · 04:19 – 05:40 रोग · 05:41 – 07:20 काल · 07:20 – 08:59 लाभ · 08:59 – 10:39 उद्योग · 10:39 – 12:18 चल · 12:18 – 13:57 अमृत · 13:57 – 15:37 शून्य · 15:37 – 17:16 शुभ · 17:16 – 18:55 काल · 18:55 – 20:16 शून्य · 20:16 – 21:37 रोग · 21:37 – 22:57 लाभ · 22:57 – 00:18 अमृत · 00:18 – 01:38 उद्योग · 01:38 – 02:59 चल · 02:59 – 04:19 शुभ · 04:19 – 05:40 ब्रह्म मुहूर्त · 04:15 – 04:58 अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:45 अमृत काल · 21:53 – 23:27 राहु काल · 15:37 – 17:16 यमगण्ड काल · 08:59 – 10:39 गुलिक काल · 12:18 – 13:57 वर्ज्यम् · 12:31 – 14:04 मंगल · 05:41 – 06:47 सूर्य · 06:47 – 07:53 शुक्र · 07:53 – 08:59 बुध · 08:59 – 10:06 चंद्र · 10:06 – 11:12 शनि · 11:12 – 12:18 गुरु · 12:18 – 13:24 मंगल · 13:24 – 14:31 सूर्य · 14:31 – 15:37 शुक्र · 15:37 – 16:43 बुध · 16:43 – 17:49 चंद्र · 17:49 – 18:55 शनि · 18:55 – 19:49 गुरु · 19:49 – 20:43 मंगल · 20:43 – 21:37 सूर्य · 21:37 – 22:30 शुक्र · 22:30 – 23:24 बुध · 23:24 – 00:18 चंद्र · 00:18 – 01:11 शनि · 01:11 – 02:05 गुरु · 02:05 – 02:59 मंगल · 02:59 – 03:52 सूर्य · 03:52 – 04:46 शुक्र · 04:46 – 05:40

30 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 39 मि
05:41
07:20
08:59
10:39
12:18
13:57
15:37
17:16

रात के समय

8 · 1 घं 21 मि
18:55
20:16
21:37
22:57
00:18
01:38
02:59
04:19

दिन के समय

8 · 1 घं 39 मि
05:41
07:20
08:59
10:39
12:18
13:57
15:37
17:16

रात के समय

8 · 1 घं 21 मि
18:55
20:16
21:37
22:57
00:18
01:38
02:59
04:19
04:15 04:58
11:52 12:45
21:53 23:27
15:37 17:16
08:59 10:39
12:18 13:57
12:31 14:04

दिन के घंटे

12 · 1 घं 6 मि
05:41
06:47
07:53
08:59
10:06
11:12
12:18
13:24
14:31
15:37
16:43
17:49

रात के घंटे

12 · 54 मि
18:55
19:49
20:43
21:37
22:30
23:24
00:18
01:11
02:05
02:59
03:52
04:46

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
30 अप्रैल 2024 की तिथि कृष्ण षष्ठी है।
30 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
30 अप्रैल 2024 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग साध्य है।
30 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:41 पर तथा सूर्यास्त 18:55 पर होगा।
30 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:37–17:16 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।