मुख्य सामग्री पर जाएँ

बुधवार, 17 अप्रैल 2024

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। आज राम नवमी है। नवमी तिथि दोपहर तक है, फिर दशमी शुरू होगी। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में कल सुबह तक है, फिर मघा में। राहु काल में नया काम न करें, 12:20 से 13:57 बजे तक। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

इस तिथि के पर्व

बुधवार, 17 अप्रैल

राम नवमी

मध्याह्न11:03 – 13:38

श्रीराम का जन्म मध्याह्न में हुआ, इसलिए पूजा और जन्मोत्सव मध्याह्न काल में मनाया जाता है।

भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्मोत्सव। रामायण पाठ, मंदिर दर्शन और भजन-कीर्तन के साथ मनाया जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 13:24 उसी दिन 15:14 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      उसी दिन 15:14 अगले दिन 17:32

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा · पाद 1

      उसी दिन 05:15 अगले दिन 07:56 तक

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      पिछले दिन 23:15 उसी दिन 23:49 तक

    • फिर

      गण्ड

      उसी दिन 23:49 अगले दिन 00:42

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • कौलव

      उसी दिन 02:15 उसी दिन 15:14 तक

    • फिर

      तैतिल

      उसी दिन 15:14 अगले दिन 04:20

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · बुध

00061218लाभ · 05:53 – 07:30अमृत · 07:30 – 09:07काल · 09:07 – 10:44शुभ · 10:44 – 12:20रोग · 12:20 – 13:57उद्वेग · 13:57 – 15:34चल · 15:34 – 17:11लाभ · 17:11 – 18:48उद्वेग · 18:48 – 20:11शुभ · 20:11 – 21:34अमृत · 21:34 – 22:57चल · 22:57 – 00:20रोग · 00:20 – 01:43काल · 01:43 – 03:06लाभ · 03:06 – 04:29उद्वेग · 04:29 – 05:52लाभ · 05:53 – 07:30शुभ · 07:30 – 09:07अमृत · 09:07 – 10:44चल · 10:44 – 12:20उद्योग · 12:20 – 13:57शून्य · 13:57 – 15:34रोग · 15:34 – 17:11काल · 17:11 – 18:48शून्य · 18:48 – 20:11रोग · 20:11 – 21:34काल · 21:34 – 22:57शुभ · 22:57 – 00:20चल · 00:20 – 01:43अमृत · 01:43 – 03:06उद्योग · 03:06 – 04:29लाभ · 04:29 – 05:52ब्रह्म मुहूर्त · 04:24 – 05:09अमृत काल · 06:09 – 07:56राहु काल · 12:20 – 13:57यमगण्ड काल · 07:30 – 09:07गुलिक काल · 10:44 – 12:20वर्ज्यम् · 19:29 – 21:16बुध · 05:53 – 06:58चंद्र · 06:58 – 08:02शनि · 08:02 – 09:07गुरु · 09:07 – 10:11मंगल · 10:11 – 11:16सूर्य · 11:16 – 12:20शुक्र · 12:20 – 13:25बुध · 13:25 – 14:30चंद्र · 14:30 – 15:34शनि · 15:34 – 16:39गुरु · 16:39 – 17:43मंगल · 17:43 – 18:48सूर्य · 18:48 – 19:43शुक्र · 19:43 – 20:38बुध · 20:38 – 21:34चंद्र · 21:34 – 22:29शनि · 22:29 – 23:25गुरु · 23:25 – 00:20मंगल · 00:20 – 01:15सूर्य · 01:15 – 02:11शुक्र · 02:11 – 03:06बुध · 03:06 – 04:01चंद्र · 04:01 – 04:57शनि · 04:57 – 05:52

17 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 37 मि
05:53
07:30
09:07
10:44
12:20
13:57
15:34
17:11

रात के समय

8·1 घं 23 मि
18:48
20:11
21:34
22:57
00:20
01:43
03:06
04:29

दिन के समय

8·1 घं 37 मि
05:53
07:30
09:07
10:44
12:20
13:57
15:34
17:11

रात के समय

8·1 घं 23 मि
18:48
20:11
21:34
22:57
00:20
01:43
03:06
04:29
04:24→05:09
06:09→07:56
12:20→13:57
07:30→09:07
10:44→12:20
19:29→21:16

दिन के घंटे

12·1 घं 5 मि
05:53
06:58
08:02
09:07
10:11
11:16
12:20
13:25
14:30
15:34
16:39
17:43

रात के घंटे

12·55 मि
18:48
19:43
20:38
21:34
22:29
23:25
00:20
01:15
02:11
03:06
04:01
04:57

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
17 अप्रैल 2024 की तिथि शुक्ल नवमी है।
17 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
17 अप्रैल 2024 का नक्षत्र आश्लेषा और योग शूल है।
17 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:53 पर तथा सूर्यास्त 18:48 पर होगा।
17 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:20–13:57 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।