मंगलवार, 16 अप्रैल 2024
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। अष्टमी तिथि 13:24 बजे तक, फिर नवमी 15:14 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 05:15 (कल) बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 07:56 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 23:15 बजे तक, फिर शूल योग 23:49 (कल) बजे तक। बव करण 13:24 बजे तक, उसके बाद बालव 02:15 (कल) बजे तक, फिर कौलव 15:14 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:34 से 17:11) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
इस तिथि के पर्व
मंगलवार, 16 अप्रैल
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल अष्टमी
पिछले दिन12:12उसी दिन13:24
शुक्ल नवमी
उसी दिन13:24अगले दिन15:14
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
पुष्य · पाद 1
उसी दिन03:05अगले दिन05:15
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
धृति
पिछले दिन23:07उसी दिन23:15
शूल
उसी दिन23:15अगले दिन23:49
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
उसी दिन00:43उसी दिन13:24
बालव
उसी दिन13:24अगले दिन02:15
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल अष्टमी · मंगल
16 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:31 | ||
| 07:3109:07 | ||
| 09:0710:44 | ||
| 10:4412:21 | ||
| 12:2113:57 | ||
| 13:5715:34 | ||
| 15:3417:11 | ||
| 17:1118:47 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:4720:10 | ||
| 20:1021:34 | ||
| 21:3422:57 | ||
| 22:5700:20 | ||
| 00:2001:43 | ||
| 01:4303:07 | ||
| 03:0704:30 | ||
| 04:3005:53 |
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:31 | ||
| 07:3109:07 | ||
| 09:0710:44 | ||
| 10:4412:21 | ||
| 12:2113:57 | ||
| 13:5715:34 | ||
| 15:3417:11 | ||
| 17:1118:47 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:4720:10 | ||
| 20:1021:34 | ||
| 21:3422:57 | ||
| 22:5700:20 | ||
| 00:2001:43 | ||
| 01:4303:07 | ||
| 03:0704:30 | ||
| 04:3005:53 |
| 04:25→05:10 | ||
| 11:55→12:46 | ||
| 22:16→00:01 | ||
| 15:34→17:11 | ||
| 09:07→10:44 | ||
| 12:21→13:57 | ||
| 11:48→13:33 |
दिन के घंटे
12·1 घं 4 मि| 05:5406:58 | ||
| 06:5808:03 | ||
| 08:0309:07 | ||
| 09:0710:12 | ||
| 10:1211:16 | ||
| 11:1612:21 | ||
| 12:2113:25 | ||
| 13:2514:29 | ||
| 14:2915:34 | ||
| 15:3416:38 | ||
| 16:3817:43 | ||
| 17:4318:47 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:4719:43 | ||
| 19:4320:38 | ||
| 20:3821:34 | ||
| 21:3422:29 | ||
| 22:2923:25 | ||
| 23:2500:20 | ||
| 00:2001:16 | ||
| 01:1602:11 | ||
| 02:1103:07 | ||
| 03:0704:02 | ||
| 04:0204:57 | ||
| 04:5705:53 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 16 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
- 16 अप्रैल 2024 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
- 16 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 16 अप्रैल 2024 का नक्षत्र पुष्य और योग धृति है।
- 16 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:54 पर तथा सूर्यास्त 18:47 पर होगा।
- 16 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:34–17:11 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

