शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। एकादशी तिथि 20:05 बजे तक, फिर द्वादशी 22:42 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 10:56 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 14:03 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 01:43 (कल) बजे तक, फिर ध्रुव योग 02:46 (कल) बजे तक। वणिज करण 06:47 बजे तक, उसके बाद विष्टि 20:05 बजे तक, फिर बव 09:23 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:43 से 12:20) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कामदा एकादशी
पिछले दिन17:32उसी दिन20:05
शुक्ल द्वादशी
उसी दिन20:05अगले दिन22:42
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
मघा
पिछले दिन07:56उसी दिन10:56
पूर्व फाल्गुनी
उसी दिन10:56अगले दिन14:03
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
वृद्धि
उसी दिन00:42अगले दिन01:43
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
वणिज
पिछले दिन17:32उसी दिन06:47
विष्टि
उसी दिन06:47उसी दिन20:05
बव
उसी दिन20:05अगले दिन09:23
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · शुक्र
19 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5107:28 | ||
| 07:2809:05 | ||
| 09:0510:43 | ||
| 10:4312:20 | ||
| 12:2013:57 | ||
| 13:5715:34 | ||
| 15:3417:12 | ||
| 17:1218:49 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:4920:12 | ||
| 20:1221:34 | ||
| 21:3422:57 | ||
| 22:5700:19 | ||
| 00:1901:42 | ||
| 01:4203:05 | ||
| 03:0504:27 | ||
| 04:2705:50 |
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5107:28 | ||
| 07:2809:05 | ||
| 09:0510:43 | ||
| 10:4312:20 | ||
| 12:2013:57 | ||
| 13:5715:34 | ||
| 15:3417:12 | ||
| 17:1218:49 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:4920:12 | ||
| 20:1221:34 | ||
| 21:3422:57 | ||
| 22:5700:19 | ||
| 00:1901:42 | ||
| 01:4203:05 | ||
| 03:0504:27 | ||
| 04:2705:50 |
| 04:23→05:07 | ||
| 11:54→12:46 | ||
| 08:14→10:02 | ||
| 10:43→12:20 | ||
| 15:34→17:12 | ||
| 07:28→09:05 | ||
| 21:26→23:14 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:5106:56 | ||
| 06:5608:01 | ||
| 08:0109:05 | ||
| 09:0510:10 | ||
| 10:1011:15 | ||
| 11:1512:20 | ||
| 12:2013:25 | ||
| 13:2514:30 | ||
| 14:3015:34 | ||
| 15:3416:39 | ||
| 16:3917:44 | ||
| 17:4418:49 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:4919:44 | ||
| 19:4420:39 | ||
| 20:3921:34 | ||
| 21:3422:29 | ||
| 22:2923:24 | ||
| 23:2400:19 | ||
| 00:1901:15 | ||
| 01:1502:10 | ||
| 02:1003:05 | ||
| 03:0504:00 | ||
| 04:0004:55 | ||
| 04:5505:50 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 19 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
- 19 अप्रैल 2024 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 19 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 19 अप्रैल 2024 का नक्षत्र मघा और योग वृद्धि है।
- 19 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:51 पर तथा सूर्यास्त 18:49 पर होगा।
- 19 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:43–12:20 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

