बुधवार, 24 अप्रैल 2024
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। प्रतिपदा तिथि 06:46 (कल) बजे तक, फिर द्वितीया 07:46 (कल) बजे तक रहेगी। स्वाति नक्षत्र 00:40 (कल) बजे तक, उसके बाद विशाखा 02:23 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 05:04 (कल) बजे तक, फिर व्यतीपात योग 04:52 (कल) बजे तक। बालव करण 18:05 बजे तक, उसके बाद कौलव 06:46 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 19:19 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:19 से 13:57) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण प्रतिपदा
उसी दिन05:18अगले दिन06:46
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
स्वाति · पाद 2
पिछले दिन22:31अगले दिन00:40
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
सिद्धि
उसी दिन04:55अगले दिन05:04
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
उसी दिन05:18उसी दिन18:05
कौलव
उसी दिन18:05अगले दिन06:46
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण प्रतिपदा · बुध
24 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:4607:24 | ||
| 07:2409:02 | ||
| 09:0210:41 | ||
| 10:4112:19 | ||
| 12:1913:57 | ||
| 13:5715:35 | ||
| 15:3517:14 | ||
| 17:1418:52 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5220:14 | ||
| 20:1421:35 | ||
| 21:3522:57 | ||
| 22:5700:18 | ||
| 00:1801:40 | ||
| 01:4003:02 | ||
| 03:0204:23 | ||
| 04:2305:45 |
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:4607:24 | ||
| 07:2409:02 | ||
| 09:0210:41 | ||
| 10:4112:19 | ||
| 12:1913:57 | ||
| 13:5715:35 | ||
| 15:3517:14 | ||
| 17:1418:52 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5220:14 | ||
| 20:1421:35 | ||
| 21:3522:57 | ||
| 22:5700:18 | ||
| 00:1801:40 | ||
| 01:4003:02 | ||
| 03:0204:23 | ||
| 04:2305:45 |
| 04:19→05:02 | ||
| 15:05→16:50 | ||
| 12:19→13:57 | ||
| 07:24→09:02 | ||
| 10:41→12:19 | ||
| 04:37→06:22 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:4606:52 | ||
| 06:5207:57 | ||
| 07:5709:02 | ||
| 09:0210:08 | ||
| 10:0811:13 | ||
| 11:1312:19 | ||
| 12:1913:24 | ||
| 13:2414:30 | ||
| 14:3015:35 | ||
| 15:3516:41 | ||
| 16:4117:46 | ||
| 17:4618:52 |
रात के घंटे
12·54 मि| 18:5219:46 | ||
| 19:4620:41 | ||
| 20:4121:35 | ||
| 21:3522:30 | ||
| 22:3023:24 | ||
| 23:2400:18 | ||
| 00:1801:13 | ||
| 01:1302:07 | ||
| 02:0703:02 | ||
| 03:0203:56 | ||
| 03:5604:51 | ||
| 04:5105:45 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 24 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
- 24 अप्रैल 2024 की तिथि कृष्ण प्रतिपदा है।
- 24 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 24 अप्रैल 2024 का नक्षत्र स्वाति और योग सिद्धि है।
- 24 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:46 पर तथा सूर्यास्त 18:52 पर होगा।
- 24 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:19–13:57 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

