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Kundli GPT

मंगलवार, 2 अप्रैल 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। अष्टमी तिथि 20:09 बजे तक, फिर नवमी 18:29 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 22:48 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 21:47 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग परिघ 18:34 बजे तक, फिर शिव योग 16:09 (कल) बजे तक। बालव करण 08:44 बजे तक, उसके बाद कौलव 20:09 बजे तक, फिर तैतिल 07:24 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:32 से 17:06) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन 21:10 उसी दिन 20:09

    • कृष्ण नवमी

      उसी दिन 20:09 अगले दिन 18:29

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • चैत्र · वैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 23:11 उसी दिन 22:48

    • उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन 22:48 अगले दिन 21:47

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • परिघ

      पिछले दिन 20:29 उसी दिन 18:34

    • शिव

      उसी दिन 18:34 अगले दिन 16:09

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 21:10 उसी दिन 08:44

    • कौलव

      उसी दिन 08:44 उसी दिन 20:09

    • तैतिल

      उसी दिन 20:09 अगले दिन 07:24

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 06:09 – 07:43 उद्वेग · 07:43 – 09:17 चल · 09:17 – 10:51 लाभ · 10:51 – 12:24 अमृत · 12:24 – 13:58 काल · 13:58 – 15:32 शुभ · 15:32 – 17:06 रोग · 17:06 – 18:39 लाभ · 18:39 – 20:05 उद्वेग · 20:05 – 21:32 शुभ · 21:32 – 22:58 अमृत · 22:58 – 00:24 चल · 00:24 – 01:50 रोग · 01:50 – 03:16 काल · 03:16 – 04:42 लाभ · 04:42 – 06:08 रोग · 06:09 – 07:43 काल · 07:43 – 09:17 लाभ · 09:17 – 10:51 उद्योग · 10:51 – 12:24 चल · 12:24 – 13:58 अमृत · 13:58 – 15:32 शून्य · 15:32 – 17:06 शुभ · 17:06 – 18:39 काल · 18:39 – 20:05 शून्य · 20:05 – 21:32 रोग · 21:32 – 22:58 लाभ · 22:58 – 00:24 अमृत · 00:24 – 01:50 उद्योग · 01:50 – 03:16 चल · 03:16 – 04:42 शुभ · 04:42 – 06:08 ब्रह्म मुहूर्त · 04:37 – 05:23 अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:49 अमृत काल · 18:05 – 19:39 राहु काल · 15:32 – 17:06 यमगण्ड काल · 09:17 – 10:51 गुलिक काल · 12:24 – 13:58 वर्ज्यम् · 08:38 – 10:12 मंगल · 06:09 – 07:12 सूर्य · 07:12 – 08:14 शुक्र · 08:14 – 09:17 बुध · 09:17 – 10:19 चंद्र · 10:19 – 11:22 शनि · 11:22 – 12:24 गुरु · 12:24 – 13:27 मंगल · 13:27 – 14:29 सूर्य · 14:29 – 15:32 शुक्र · 15:32 – 16:34 बुध · 16:34 – 17:37 चंद्र · 17:37 – 18:39 शनि · 18:39 – 19:37 गुरु · 19:37 – 20:34 मंगल · 20:34 – 21:32 सूर्य · 21:32 – 22:29 शुक्र · 22:29 – 23:26 बुध · 23:26 – 00:24 चंद्र · 00:24 – 01:21 शनि · 01:21 – 02:19 गुरु · 02:19 – 03:16 मंगल · 03:16 – 04:13 सूर्य · 04:13 – 05:11 शुक्र · 05:11 – 06:08

2 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 34 मि
06:09
07:43
09:17
10:51
12:24
13:58
15:32
17:06

रात के समय

8 · 1 घं 26 मि
18:39
20:05
21:32
22:58
00:24
01:50
03:16
04:42

दिन के समय

8 · 1 घं 34 मि
06:09
07:43
09:17
10:51
12:24
13:58
15:32
17:06

रात के समय

8 · 1 घं 26 मि
18:39
20:05
21:32
22:58
00:24
01:50
03:16
04:42
04:37 05:23
11:59 12:49
18:05 19:39
15:32 17:06
09:17 10:51
12:24 13:58
08:38 10:12

दिन के घंटे

12 · 1 घं 2 मि
06:09
07:12
08:14
09:17
10:19
11:22
12:24
13:27
14:29
15:32
16:34
17:37

रात के घंटे

12 · 57 मि
18:39
19:37
20:34
21:32
22:29
23:26
00:24
01:21
02:19
03:16
04:13
05:11

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
2 अप्रैल 2024 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
2 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
2 अप्रैल 2024 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग परिघ है।
2 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:09 पर तथा सूर्यास्त 18:39 पर होगा।
2 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:32–17:06 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।