सोमवार, 22 अप्रैल 2024
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। चतुर्दशी तिथि 03:26 (कल) बजे तक, फिर पूर्णिमा 05:18 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 19:59 बजे तक, उसके बाद चित्रा 22:31 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग हर्षण 04:27 (कल) बजे तक, फिर वज्र योग 04:55 (कल) बजे तक। गर करण 14:21 बजे तक, उसके बाद वणिज 03:26 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 16:25 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:26 से 09:04) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन01:11अगले दिन03:26
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
हस्त
पिछले दिन17:07उसी दिन19:59
चित्रा
उसी दिन19:59अगले दिन22:31
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
हर्षण
उसी दिन03:43अगले दिन04:27
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
गर
उसी दिन01:11उसी दिन14:21
वणिज
उसी दिन14:21अगले दिन03:26
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्दशी · सोम
22 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:4807:26 | ||
| 07:2609:04 | ||
| 09:0410:41 | ||
| 10:4112:19 | ||
| 12:1913:57 | ||
| 13:5715:35 | ||
| 15:3517:13 | ||
| 17:1318:51 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5120:13 | ||
| 20:1321:35 | ||
| 21:3522:57 | ||
| 22:5700:19 | ||
| 00:1901:41 | ||
| 01:4103:03 | ||
| 03:0304:25 | ||
| 04:2505:47 |
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:4807:26 | ||
| 07:2609:04 | ||
| 09:0410:41 | ||
| 10:4112:19 | ||
| 12:1913:57 | ||
| 13:5715:35 | ||
| 15:3517:13 | ||
| 17:1318:51 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5120:13 | ||
| 20:1321:35 | ||
| 21:3522:57 | ||
| 22:5700:19 | ||
| 00:1901:41 | ||
| 01:4103:03 | ||
| 03:0304:25 | ||
| 04:2505:47 |
| 04:20→05:04 | ||
| 11:53→12:45 | ||
| 13:16→15:03 | ||
| 07:26→09:04 | ||
| 10:41→12:19 | ||
| 13:57→15:35 | ||
| 02:31→04:19 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:4806:53 | ||
| 06:5307:58 | ||
| 07:5809:04 | ||
| 09:0410:09 | ||
| 10:0911:14 | ||
| 11:1412:19 | ||
| 12:1913:25 | ||
| 13:2514:30 | ||
| 14:3015:35 | ||
| 15:3516:40 | ||
| 16:4017:45 | ||
| 17:4518:51 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:5119:45 | ||
| 19:4520:40 | ||
| 20:4021:35 | ||
| 21:3522:29 | ||
| 22:2923:24 | ||
| 23:2400:19 | ||
| 00:1901:14 | ||
| 01:1402:08 | ||
| 02:0803:03 | ||
| 03:0303:58 | ||
| 03:5804:52 | ||
| 04:5205:47 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
- 22 अप्रैल 2024 की तिथि शुक्ल चतुर्दशी है।
- 22 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 22 अप्रैल 2024 का नक्षत्र हस्त और योग हर्षण है।
- 22 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:48 पर तथा सूर्यास्त 18:51 पर होगा।
- 22 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:26–09:04 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

