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शुक्रवार, 5 अप्रैल 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शुक्रवार है। एकादशी तिथि 13:29 बजे तक, फिर द्वादशी 10:19 (कल) बजे तक रहेगी। धनिष्ठा नक्षत्र 18:06 बजे तक, उसके बाद शतभिषा 15:39 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 09:54 बजे तक, फिर शुभ योग 06:14 (कल) बजे तक। बालव करण 13:29 बजे तक, उसके बाद कौलव 23:56 बजे तक, फिर तैतिल 10:19 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:49 से 12:23) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पापमोचनी एकादशी

      पिछले दिन16:14उसी दिन13:29

    • कृष्ण द्वादशी

      उसी दिन13:29अगले दिन10:19

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • धनिष्ठा

      पिछले दिन20:11उसी दिन18:06

    • शतभिषा

      उसी दिन18:06अगले दिन15:39

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • साध्य

      पिछले दिन13:14उसी दिन09:54

    • शुभ

      उसी दिन09:54अगले दिन06:14

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      उसी दिन02:55उसी दिन13:29

    • कौलव

      उसी दिन13:29उसी दिन23:56

    • तैतिल

      उसी दिन23:56अगले दिन10:19

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · शुक्र

00061218चल · 06:06 – 07:40लाभ · 07:40 – 09:15अमृत · 09:15 – 10:49काल · 10:49 – 12:23शुभ · 12:23 – 13:58रोग · 13:58 – 15:32उद्वेग · 15:32 – 17:07चल · 17:07 – 18:41रोग · 18:41 – 20:06काल · 20:06 – 21:32लाभ · 21:32 – 22:57उद्वेग · 22:57 – 00:23शुभ · 00:23 – 01:48अमृत · 01:48 – 03:14चल · 03:14 – 04:39रोग · 04:39 – 06:05अमृत · 06:06 – 07:40उद्योग · 07:40 – 09:15चल · 09:15 – 10:49काल · 10:49 – 12:23शून्य · 12:23 – 13:58लाभ · 13:58 – 15:32शुभ · 15:32 – 17:07रोग · 17:07 – 18:41शुभ · 18:41 – 20:06शून्य · 20:06 – 21:32लाभ · 21:32 – 22:57चल · 22:57 – 00:23रोग · 00:23 – 01:48काल · 01:48 – 03:14अमृत · 03:14 – 04:39उद्योग · 04:39 – 06:05ब्रह्म मुहूर्त · 04:35 – 05:20अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:49अमृत काल · 08:36 – 10:04राहु काल · 10:49 – 12:23यमगण्ड काल · 15:32 – 17:07गुलिक काल · 07:40 – 09:15वर्ज्यम् · 23:50 – 01:18शुक्र · 06:06 – 07:09बुध · 07:09 – 08:12चंद्र · 08:12 – 09:15शनि · 09:15 – 10:18गुरु · 10:18 – 11:21मंगल · 11:21 – 12:23सूर्य · 12:23 – 13:26शुक्र · 13:26 – 14:29बुध · 14:29 – 15:32चंद्र · 15:32 – 16:35शनि · 16:35 – 17:38गुरु · 17:38 – 18:41मंगल · 18:41 – 19:38सूर्य · 19:38 – 20:35शुक्र · 20:35 – 21:32बुध · 21:32 – 22:29चंद्र · 22:29 – 23:26शनि · 23:26 – 00:23गुरु · 00:23 – 01:20मंगल · 01:20 – 02:17सूर्य · 02:17 – 03:14शुक्र · 03:14 – 04:11बुध · 04:11 – 05:08चंद्र · 05:08 – 06:05

5 अप्रैल

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 34 मि
06:06
07:40
09:15
10:49
12:23
13:58
15:32
17:07

रात के समय

8·1 घं 25 मि
18:41
20:06
21:32
22:57
00:23
01:48
03:14
04:39

दिन के समय

8·1 घं 34 मि
06:06
07:40
09:15
10:49
12:23
13:58
15:32
17:07

रात के समय

8·1 घं 25 मि
18:41
20:06
21:32
22:57
00:23
01:48
03:14
04:39
04:3505:20
11:5812:49
08:3610:04
10:4912:23
15:3217:07
07:4009:15
23:5001:18

दिन के घंटे

12·1 घं 3 मि
06:06
07:09
08:12
09:15
10:18
11:21
12:23
13:26
14:29
15:32
16:35
17:38

रात के घंटे

12·57 मि
18:41
19:38
20:35
21:32
22:29
23:26
00:23
01:20
02:17
03:14
04:11
05:08

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 अप्रैल 2024 की तिथि क्या है?
5 अप्रैल 2024 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
5 अप्रैल 2024 का नक्षत्र क्या है?
5 अप्रैल 2024 का नक्षत्र धनिष्ठा और योग साध्य है।
5 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:06 पर तथा सूर्यास्त 18:41 पर होगा।
5 अप्रैल 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:49–12:23 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।