गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। चतुर्दशी तिथि 21:12 बजे तक, फिर पूर्णिमा 22:53 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 02:16 (कल) बजे तक, उसके बाद स्वाति 04:34 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 20:53 बजे तक, फिर सिद्धि योग 21:12 (कल) बजे तक। गर करण 08:30 बजे तक, उसके बाद वणिज 21:12 बजे तक, फिर विष्टि 10:00 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:57 से 15:37) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल चतुर्दशी
पिछले दिन19:52उसी दिन21:12
पूर्णिमा
उसी दिन21:12अगले दिन22:53
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
चित्रा · पाद 1
उसी दिन00:15अगले दिन02:16
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
वज्र
पिछले दिन20:50उसी दिन20:53
सिद्धि
उसी दिन20:53अगले दिन21:12
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
गर
पिछले दिन19:52उसी दिन08:30
वणिज
उसी दिन08:30उसी दिन21:12
विष्टि
उसी दिन21:12अगले दिन10:00
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्दशी · गुरु
30 अप्रैल
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:4107:20 | ||
| 07:2009:00 | ||
| 09:0010:39 | ||
| 10:3912:18 | ||
| 12:1813:57 | ||
| 13:5715:37 | ||
| 15:3717:16 | ||
| 17:1618:55 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 18:5520:16 | ||
| 20:1621:36 | ||
| 21:3622:57 | ||
| 22:5700:18 | ||
| 00:1801:38 | ||
| 01:3802:59 | ||
| 02:5904:20 | ||
| 04:2005:40 |
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:4107:20 | ||
| 07:2009:00 | ||
| 09:0010:39 | ||
| 10:3912:18 | ||
| 12:1813:57 | ||
| 13:5715:37 | ||
| 15:3717:16 | ||
| 17:1618:55 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 18:5520:16 | ||
| 20:1621:36 | ||
| 21:3622:57 | ||
| 22:5700:18 | ||
| 00:1801:38 | ||
| 01:3802:59 | ||
| 02:5904:20 | ||
| 04:2005:40 |
| 04:15→04:58 | ||
| 11:52→12:45 | ||
| 19:20→21:04 | ||
| 13:57→15:37 | ||
| 05:41→07:20 | ||
| 09:00→10:39 | ||
| 08:55→10:39 |
दिन के घंटे
12·1 घं 6 मि| 05:4106:47 | ||
| 06:4707:53 | ||
| 07:5309:00 | ||
| 09:0010:06 | ||
| 10:0611:12 | ||
| 11:1212:18 | ||
| 12:1813:24 | ||
| 13:2414:30 | ||
| 14:3015:37 | ||
| 15:3716:43 | ||
| 16:4317:49 | ||
| 17:4918:55 |
रात के घंटे
12·54 मि| 18:5519:49 | ||
| 19:4920:43 | ||
| 20:4321:36 | ||
| 21:3622:30 | ||
| 22:3023:24 | ||
| 23:2400:18 | ||
| 00:1801:11 | ||
| 01:1102:05 | ||
| 02:0502:59 | ||
| 02:5903:53 | ||
| 03:5304:46 | ||
| 04:4605:40 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 30 अप्रैल 2026 की तिथि क्या है?
- 30 अप्रैल 2026 की तिथि शुक्ल चतुर्दशी है।
- 30 अप्रैल 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 30 अप्रैल 2026 का नक्षत्र चित्रा और योग वज्र है।
- 30 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:41 पर तथा सूर्यास्त 18:55 पर होगा।
- 30 अप्रैल 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:57–15:37 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

