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शुक्रवार, 1 मई 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शुक्रवार है। पूर्णिमा तिथि 22:53 बजे तक, फिर प्रतिपदा 00:50 (कल) बजे तक रहेगी। स्वाति नक्षत्र 04:34 (कल) बजे तक, उसके बाद विशाखा 07:09 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 21:12 बजे तक, फिर व्यतीपात योग 21:43 (कल) बजे तक। विष्टि करण 10:00 बजे तक, उसके बाद बव 22:53 बजे तक, फिर बालव 11:49 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:39 से 12:18) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन21:12उसी दिन22:53

    • कृष्ण प्रतिपदा

      उसी दिन22:53अगले दिन00:50

    पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति · पाद 1

      उसी दिन02:16अगले दिन04:34

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • सिद्धि

      पिछले दिन20:53उसी दिन21:12

    • व्यतीपात

      उसी दिन21:12अगले दिन21:43

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन21:12उसी दिन10:00

    • बव

      उसी दिन10:00उसी दिन22:53

    • बालव

      उसी दिन22:53अगले दिन11:49

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · शुक्र

00061218चल · 05:40 – 07:20लाभ · 07:20 – 08:59अमृत · 08:59 – 10:39काल · 10:39 – 12:18शुभ · 12:18 – 13:57रोग · 13:57 – 15:37उद्वेग · 15:37 – 17:16चल · 17:16 – 18:56रोग · 18:56 – 20:16काल · 20:16 – 21:37लाभ · 21:37 – 22:57उद्वेग · 22:57 – 00:18शुभ · 00:18 – 01:38अमृत · 01:38 – 02:58चल · 02:58 – 04:19रोग · 04:19 – 05:39अमृत · 05:40 – 07:20उद्योग · 07:20 – 08:59चल · 08:59 – 10:39काल · 10:39 – 12:18शून्य · 12:18 – 13:57लाभ · 13:57 – 15:37शुभ · 15:37 – 17:16रोग · 17:16 – 18:56शुभ · 18:56 – 20:16शून्य · 20:16 – 21:37लाभ · 21:37 – 22:57चल · 22:57 – 00:18रोग · 00:18 – 01:38काल · 01:38 – 02:58अमृत · 02:58 – 04:19उद्योग · 04:19 – 05:39ब्रह्म मुहूर्त · 04:14 – 04:57अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:44अमृत काल · 18:55 – 20:41राहु काल · 10:39 – 12:18यमगण्ड काल · 15:37 – 17:16गुलिक काल · 07:20 – 08:59वर्ज्यम् · 08:24 – 10:09शुक्र · 05:40 – 06:46बुध · 06:46 – 07:53चंद्र · 07:53 – 08:59शनि · 08:59 – 10:05गुरु · 10:05 – 11:12मंगल · 11:12 – 12:18सूर्य · 12:18 – 13:24शुक्र · 13:24 – 14:31बुध · 14:31 – 15:37चंद्र · 15:37 – 16:43शनि · 16:43 – 17:49गुरु · 17:49 – 18:56मंगल · 18:56 – 19:49सूर्य · 19:49 – 20:43शुक्र · 20:43 – 21:37बुध · 21:37 – 22:30चंद्र · 22:30 – 23:24शनि · 23:24 – 00:18गुरु · 00:18 – 01:11मंगल · 01:11 – 02:05सूर्य · 02:05 – 02:58शुक्र · 02:58 – 03:52बुध · 03:52 – 04:46चंद्र · 04:46 – 05:39

1 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 39 मि
05:40
07:20
08:59
10:39
12:18
13:57
15:37
17:16

रात के समय

8·1 घं 20 मि
18:56
20:16
21:37
22:57
00:18
01:38
02:58
04:19

दिन के समय

8·1 घं 39 मि
05:40
07:20
08:59
10:39
12:18
13:57
15:37
17:16

रात के समय

8·1 घं 20 मि
18:56
20:16
21:37
22:57
00:18
01:38
02:58
04:19
04:1404:57
11:5112:44
18:5520:41
10:3912:18
15:3717:16
07:2008:59
08:2410:09

दिन के घंटे

12·1 घं 6 मि
05:40
06:46
07:53
08:59
10:05
11:12
12:18
13:24
14:31
15:37
16:43
17:49

रात के घंटे

12·54 मि
18:56
19:49
20:43
21:37
22:30
23:24
00:18
01:11
02:05
02:58
03:52
04:46

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 मई 2026 की तिथि क्या है?
1 मई 2026 की तिथि पूर्णिमा है।
1 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
1 मई 2026 का नक्षत्र स्वाति और योग सिद्धि है।
1 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:40 पर तथा सूर्यास्त 18:56 पर होगा।
1 मई 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:39–12:18 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।