रविवार, 1 अगस्त 2027
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। चतुर्दशी तिथि 19:20 बजे तक, फिर अमावस्या 15:35 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 20:04 बजे तक, उसके बाद पुष्य 17:08 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 22:42 बजे तक, फिर सिद्धि योग 18:31 (कल) बजे तक। विष्टि करण 09:10 बजे तक, उसके बाद शकुनि 19:20 बजे तक, फिर चतुष्पाद 05:28 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:31 से 19:12) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन22:58उसी दिन19:20
अमावस्या
उसी दिन19:20अगले दिन15:35
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
पुनर्वसु
पिछले दिन22:52उसी दिन20:04
पुष्य
उसी दिन20:04अगले दिन17:08
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
वज्र
उसी दिन02:47उसी दिन22:42
सिद्धि
उसी दिन22:42अगले दिन18:31
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
विष्टि
पिछले दिन22:58उसी दिन09:10
शकुनि
उसी दिन09:10उसी दिन19:20
चतुष्पाद
उसी दिन19:20अगले दिन05:28
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · रवि
1 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:4207:23 | ||
| 07:2309:04 | ||
| 09:0410:46 | ||
| 10:4612:27 | ||
| 12:2714:08 | ||
| 14:0815:49 | ||
| 15:4917:31 | ||
| 17:3119:12 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:1220:31 | ||
| 20:3121:50 | ||
| 21:5023:08 | ||
| 23:0800:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:05 | ||
| 03:0504:24 | ||
| 04:2405:42 |
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:4207:23 | ||
| 07:2309:04 | ||
| 09:0410:46 | ||
| 10:4612:27 | ||
| 12:2714:08 | ||
| 14:0815:49 | ||
| 15:4917:31 | ||
| 17:3119:12 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:1220:31 | ||
| 20:3121:50 | ||
| 21:5023:08 | ||
| 23:0800:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:05 | ||
| 03:0504:24 | ||
| 04:2405:42 |
| 04:18→05:00 | ||
| 12:00→12:54 | ||
| 17:57→19:21 | ||
| 17:31→19:12 | ||
| 12:27→14:08 | ||
| 15:49→17:31 | ||
| 09:28→10:53 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:4206:49 | ||
| 06:4907:57 | ||
| 07:5709:04 | ||
| 09:0410:12 | ||
| 10:1211:19 | ||
| 11:1912:27 | ||
| 12:2713:34 | ||
| 13:3414:42 | ||
| 14:4215:49 | ||
| 15:4916:57 | ||
| 16:5718:04 | ||
| 18:0419:12 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:1220:04 | ||
| 20:0420:57 | ||
| 20:5721:50 | ||
| 21:5022:42 | ||
| 22:4223:35 | ||
| 23:3500:27 | ||
| 00:2701:20 | ||
| 01:2002:12 | ||
| 02:1203:05 | ||
| 03:0503:57 | ||
| 03:5704:50 | ||
| 04:5005:42 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1 अगस्त 2027 की तिथि क्या है?
- 1 अगस्त 2027 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
- 1 अगस्त 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 1 अगस्त 2027 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग वज्र है।
- 1 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:42 पर तथा सूर्यास्त 19:12 पर होगा।
- 1 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:31–19:12 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

