रविवार, 11 अगस्त 2024
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। सप्तमी तिथि 07:55 (कल) बजे तक, फिर अष्टमी 09:31 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 05:48 बजे तक, उसके बाद स्वाति 08:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुभ 15:47 बजे तक, फिर शुक्ल योग 16:24 (कल) बजे तक। गर करण 18:54 बजे तक, उसके बाद वणिज 07:55 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 20:48 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:24 से 19:03) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल सप्तमी
उसी दिन05:45अगले दिन07:55
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
चित्रा
पिछले दिन02:44उसी दिन05:48
स्वाति
उसी दिन05:48अगले दिन08:32
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
शुभ
पिछले दिन14:50उसी दिन15:47
शुक्ल
उसी दिन15:47अगले दिन16:24
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
गर
उसी दिन05:45उसी दिन18:54
वणिज
उसी दिन18:54अगले दिन07:55
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल सप्तमी · रवि
11 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:4807:27 | ||
| 07:2709:07 | ||
| 09:0710:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:05 | ||
| 14:0515:45 | ||
| 15:4517:24 | ||
| 17:2419:03 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 19:0320:24 | ||
| 20:2421:45 | ||
| 21:4523:05 | ||
| 23:0500:26 | ||
| 00:2601:47 | ||
| 01:4703:07 | ||
| 03:0704:28 | ||
| 04:2805:48 |
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:4807:27 | ||
| 07:2709:07 | ||
| 09:0710:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:05 | ||
| 14:0515:45 | ||
| 15:4517:24 | ||
| 17:2419:03 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 19:0320:24 | ||
| 20:2421:45 | ||
| 21:4523:05 | ||
| 23:0500:26 | ||
| 00:2601:47 | ||
| 01:4703:07 | ||
| 03:0704:28 | ||
| 04:2805:48 |
| 04:22→05:05 | ||
| 11:59→12:52 | ||
| 22:35→00:23 | ||
| 17:24→19:03 | ||
| 12:26→14:05 | ||
| 15:45→17:24 | ||
| 11:45→13:33 |
दिन के घंटे
12·1 घं 6 मि| 05:4806:54 | ||
| 06:5408:00 | ||
| 08:0009:07 | ||
| 09:0710:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:26 | ||
| 12:2613:32 | ||
| 13:3214:38 | ||
| 14:3815:45 | ||
| 15:4516:51 | ||
| 16:5117:57 | ||
| 17:5719:03 |
रात के घंटे
12·54 मि| 19:0319:57 | ||
| 19:5720:51 | ||
| 20:5121:45 | ||
| 21:4522:38 | ||
| 22:3823:32 | ||
| 23:3200:26 | ||
| 00:2601:20 | ||
| 01:2002:13 | ||
| 02:1303:07 | ||
| 03:0704:01 | ||
| 04:0104:55 | ||
| 04:5505:48 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 11 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
- 11 अगस्त 2024 की तिथि शुक्ल सप्तमी है।
- 11 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 11 अगस्त 2024 का नक्षत्र चित्रा और योग शुभ है।
- 11 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:48 पर तथा सूर्यास्त 19:03 पर होगा।
- 11 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:24–19:03 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

