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पंचांग — अगस्त 2024
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रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
द्वादशी मृगशिरा 05:42 2
त्रयोदशी आर्द्रा 05:43 3
चतुर्दशी पुनर्वसु 05:43 4
अमावस्या पुष्य 05:44 5
प्रतिपदा आश्लेषा 05:45 6
द्वितीया मघा 05:45 7
तृतीया पूर्व फाल्गुनी 05:46 8
चतुर्थी उत्तर फाल्गुनी 05:46 नाग पंचमी 9
पंचमी हस्त 05:47 10
षष्ठी चित्रा 05:47 11
सप्तमी चित्रा 05:48 12
सप्तमी स्वाति 05:48 13
अष्टमी विशाखा 05:49 14
नवमी अनुराधा 05:50 15
दशमी ज्येष्ठा 05:50 16
पुत्रदा एकादशी मूल 05:51 17
द्वादशी पूर्व आषाढ़ा 05:51 18
चतुर्दशी उत्तर आषाढ़ा 05:52 रक्षाबंधन 19
पूर्णिमा श्रवण 05:52 20
प्रतिपदा शतभिषा 05:53 21
द्वितीया पूर्व भाद्रपदा 05:53 22
तृतीया उत्तर भाद्रपदा 05:54 23
चतुर्थी रेवती 05:54 24
पंचमी अश्विनी 05:55 25
सप्तमी भरणी 05:55 जन्माष्टमी 26
अष्टमी कृत्तिका 05:56 27
नवमी रोहिणी 05:56 28
दशमी मृगशिरा 05:57 29
इंदिरा एकादशी आर्द्रा 05:57 30
द्वादशी पुनर्वसु 05:58 31
त्रयोदशी पुष्य 05:58 आज गुरुवार, 11 जून 2026 कृष्ण एकादशी रेवती
आगामी पर्व
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नाग पंचमी
8 अगस्त 2024नाग देवताओं की पूजा का दिन। भक्त नाग प्रतिमाओं और बाँबियों पर दूध अर्पित कर रक्षा की प्रार्थना करते हैं।
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रक्षाबंधन
18 अगस्त 2024बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र (राखी) बाँधती हैं और भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेते हैं। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव।
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जन्माष्टमी
25 अगस्त 2024भगवान श्रीकृष्ण के अर्धरात्रि जन्म का उत्सव। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं, झूले सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और मध्यरात्रि की आरती के बाद व्रत खोलते हैं।