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Kundli GPT

बुधवार, 14 अगस्त 2024

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है। नवमी तिथि 10:24 बजे तक, फिर दशमी 10:27 (कल) बजे तक रहेगी। अनुराधा नक्षत्र 12:12 बजे तक, उसके बाद ज्येष्ठा 12:52 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 16:04 बजे तक, फिर वैधृति योग 14:57 (कल) बजे तक। कौलव करण 10:24 बजे तक, उसके बाद तैतिल 22:31 बजे तक, फिर गर 10:27 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:25 से 14:04) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 09:31 उसी दिन 10:24

    • शुक्ल दशमी

      उसी दिन 10:24 अगले दिन 10:27

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • श्रावण · भाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा

      पिछले दिन 10:43 उसी दिन 12:12

    • ज्येष्ठा

      उसी दिन 12:12 अगले दिन 12:52

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 16:32 उसी दिन 16:04

    • वैधृति

      उसी दिन 16:04 अगले दिन 14:57

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 22:03 उसी दिन 10:24

    • तैतिल

      उसी दिन 10:24 उसी दिन 22:31

    • गर

      उसी दिन 22:31 अगले दिन 10:27

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · बुध

00 06 12 18 लाभ · 05:50 – 07:28 अमृत · 07:28 – 09:07 काल · 09:07 – 10:46 शुभ · 10:46 – 12:25 रोग · 12:25 – 14:04 उद्वेग · 14:04 – 15:43 चल · 15:43 – 17:22 लाभ · 17:22 – 19:01 उद्वेग · 19:01 – 20:22 शुभ · 20:22 – 21:43 अमृत · 21:43 – 23:04 चल · 23:04 – 00:25 रोग · 00:25 – 01:47 काल · 01:47 – 03:08 लाभ · 03:08 – 04:29 उद्वेग · 04:29 – 05:50 लाभ · 05:50 – 07:28 शुभ · 07:28 – 09:07 अमृत · 09:07 – 10:46 चल · 10:46 – 12:25 उद्योग · 12:25 – 14:04 शून्य · 14:04 – 15:43 रोग · 15:43 – 17:22 काल · 17:22 – 19:01 शून्य · 19:01 – 20:22 रोग · 20:22 – 21:43 काल · 21:43 – 23:04 शुभ · 23:04 – 00:25 चल · 00:25 – 01:47 अमृत · 01:47 – 03:08 उद्योग · 03:08 – 04:29 लाभ · 04:29 – 05:50 ब्रह्म मुहूर्त · 04:23 – 05:06 अमृत काल · 01:10 – 02:51 राहु काल · 12:25 – 14:04 यमगण्ड काल · 07:28 – 09:07 गुलिक काल · 10:46 – 12:25 वर्ज्यम् · 14:58 – 16:40 बुध · 05:50 – 06:55 चंद्र · 06:55 – 08:01 शनि · 08:01 – 09:07 गुरु · 09:07 – 10:13 मंगल · 10:13 – 11:19 सूर्य · 11:19 – 12:25 शुक्र · 12:25 – 13:31 बुध · 13:31 – 14:37 चंद्र · 14:37 – 15:43 शनि · 15:43 – 16:49 गुरु · 16:49 – 17:55 मंगल · 17:55 – 19:01 सूर्य · 19:01 – 19:55 शुक्र · 19:55 – 20:49 बुध · 20:49 – 21:43 चंद्र · 21:43 – 22:37 शनि · 22:37 – 23:31 गुरु · 23:31 – 00:25 मंगल · 00:25 – 01:19 सूर्य · 01:19 – 02:14 शुक्र · 02:14 – 03:08 बुध · 03:08 – 04:02 चंद्र · 04:02 – 04:56 शनि · 04:56 – 05:50

14 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 39 मि
05:50
07:28
09:07
10:46
12:25
14:04
15:43
17:22

रात के समय

8 · 1 घं 21 मि
19:01
20:22
21:43
23:04
00:25
01:47
03:08
04:29

दिन के समय

8 · 1 घं 39 मि
05:50
07:28
09:07
10:46
12:25
14:04
15:43
17:22

रात के समय

8 · 1 घं 21 मि
19:01
20:22
21:43
23:04
00:25
01:47
03:08
04:29
04:23 05:06
01:10 02:51
12:25 14:04
07:28 09:07
10:46 12:25
14:58 16:40

दिन के घंटे

12 · 1 घं 6 मि
05:50
06:55
08:01
09:07
10:13
11:19
12:25
13:31
14:37
15:43
16:49
17:55

रात के घंटे

12 · 54 मि
19:01
19:55
20:49
21:43
22:37
23:31
00:25
01:19
02:14
03:08
04:02
04:56

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
14 अगस्त 2024 की तिथि शुक्ल नवमी है।
14 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
14 अगस्त 2024 का नक्षत्र अनुराधा और योग ऐन्द्र है।
14 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:50 पर तथा सूर्यास्त 19:01 पर होगा।
14 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:25–14:04 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।