गुरुवार, 15 अगस्त 2024
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। दशमी तिथि 10:27 बजे तक, फिर एकादशी 09:40 (कल) बजे तक रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र 12:52 बजे तक, उसके बाद मूल 12:43 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 14:57 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 13:10 (कल) बजे तक। गर करण 10:27 बजे तक, उसके बाद वणिज 22:09 बजे तक, फिर विष्टि 09:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:04 से 15:42) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल दशमी
पिछले दिन10:24उसी दिन10:27
पुत्रदा एकादशी
उसी दिन10:27अगले दिन09:40
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
ज्येष्ठा
पिछले दिन12:12उसी दिन12:52
मूल
उसी दिन12:52अगले दिन12:43
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
वैधृति
पिछले दिन16:04उसी दिन14:57
विष्कुम्भ
उसी दिन14:57अगले दिन13:10
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
गर
पिछले दिन22:31उसी दिन10:27
वणिज
उसी दिन10:27उसी दिन22:09
विष्टि
उसी दिन22:09अगले दिन09:40
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल दशमी · गुरु
15 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:5007:29 | ||
| 07:2909:07 | ||
| 09:0710:46 | ||
| 10:4612:25 | ||
| 12:2514:04 | ||
| 14:0415:42 | ||
| 15:4217:21 | ||
| 17:2119:00 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 19:0020:21 | ||
| 20:2121:42 | ||
| 21:4223:04 | ||
| 23:0400:25 | ||
| 00:2501:47 | ||
| 01:4703:08 | ||
| 03:0804:29 | ||
| 04:2905:51 |
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:5007:29 | ||
| 07:2909:07 | ||
| 09:0710:46 | ||
| 10:4612:25 | ||
| 12:2514:04 | ||
| 14:0415:42 | ||
| 15:4217:21 | ||
| 17:2119:00 |
रात के समय
8·1 घं 21 मि| 19:0020:21 | ||
| 20:2121:42 | ||
| 21:4223:04 | ||
| 23:0400:25 | ||
| 00:2501:47 | ||
| 01:4703:08 | ||
| 03:0804:29 | ||
| 04:2905:51 |
| 04:23→05:07 | ||
| 11:59→12:51 | ||
| 03:49→05:28 | ||
| 14:04→15:42 | ||
| 05:50→07:29 | ||
| 09:07→10:46 | ||
| 17:57→19:36 |
दिन के घंटे
12·1 घं 6 मि| 05:5006:56 | ||
| 06:5608:02 | ||
| 08:0209:07 | ||
| 09:0710:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:25 | ||
| 12:2513:31 | ||
| 13:3114:37 | ||
| 14:3715:42 | ||
| 15:4216:48 | ||
| 16:4817:54 | ||
| 17:5419:00 |
रात के घंटे
12·54 मि| 19:0019:54 | ||
| 19:5420:48 | ||
| 20:4821:42 | ||
| 21:4222:37 | ||
| 22:3723:31 | ||
| 23:3100:25 | ||
| 00:2501:19 | ||
| 01:1902:14 | ||
| 02:1403:08 | ||
| 03:0804:02 | ||
| 04:0204:56 | ||
| 04:5605:51 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 15 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
- 15 अगस्त 2024 की तिथि शुक्ल दशमी है।
- 15 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 15 अगस्त 2024 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग वैधृति है।
- 15 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:50 पर तथा सूर्यास्त 19:00 पर होगा।
- 15 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:04–15:42 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

