शुक्रवार, 16 अगस्त 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। एकादशी तिथि 09:40 बजे तक, फिर द्वादशी 08:06 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 12:43 बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 11:48 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 13:10 बजे तक, फिर प्रीति योग 10:46 (कल) बजे तक। विष्टि करण 09:40 बजे तक, उसके बाद बव 20:58 बजे तक, फिर बालव 08:06 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:46 से 12:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
पुत्रदा एकादशी
पिछले दिन10:27उसी दिन09:40
शुक्ल द्वादशी
उसी दिन09:40अगले दिन08:06
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
मूल
पिछले दिन12:52उसी दिन12:43
पूर्व आषाढ़ा
उसी दिन12:43अगले दिन11:48
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
विष्कुम्भ
पिछले दिन14:57उसी दिन13:10
प्रीति
उसी दिन13:10अगले दिन10:46
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
विष्टि
पिछले दिन22:09उसी दिन09:40
बव
उसी दिन09:40उसी दिन20:58
बालव
उसी दिन20:58अगले दिन08:06
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · शुक्र
16 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:5107:29 | ||
| 07:2909:08 | ||
| 09:0810:46 | ||
| 10:4612:25 | ||
| 12:2514:03 | ||
| 14:0315:42 | ||
| 15:4217:20 | ||
| 17:2018:59 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5920:20 | ||
| 20:2021:42 | ||
| 21:4223:03 | ||
| 23:0300:25 | ||
| 00:2501:47 | ||
| 01:4703:08 | ||
| 03:0804:30 | ||
| 04:3005:51 |
दिन के समय
8·1 घं 39 मि| 05:5107:29 | ||
| 07:2909:08 | ||
| 09:0810:46 | ||
| 10:4612:25 | ||
| 12:2514:03 | ||
| 14:0315:42 | ||
| 15:4217:20 | ||
| 17:2018:59 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5920:20 | ||
| 20:2021:42 | ||
| 21:4223:03 | ||
| 23:0300:25 | ||
| 00:2501:47 | ||
| 01:4703:08 | ||
| 03:0804:30 | ||
| 04:3005:51 |
| 04:24→05:07 | ||
| 11:58→12:51 | ||
| 06:21→07:57 | ||
| 10:46→12:25 | ||
| 15:42→17:20 | ||
| 07:29→09:08 | ||
| 20:49→22:24 |
दिन के घंटे
12·1 घं 6 मि| 05:5106:56 | ||
| 06:5608:02 | ||
| 08:0209:08 | ||
| 09:0810:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:25 | ||
| 12:2513:30 | ||
| 13:3014:36 | ||
| 14:3615:42 | ||
| 15:4216:47 | ||
| 16:4717:53 | ||
| 17:5318:59 |
रात के घंटे
12·54 मि| 18:5919:53 | ||
| 19:5320:48 | ||
| 20:4821:42 | ||
| 21:4222:36 | ||
| 22:3623:31 | ||
| 23:3100:25 | ||
| 00:2501:19 | ||
| 01:1902:14 | ||
| 02:1403:08 | ||
| 03:0804:02 | ||
| 04:0204:57 | ||
| 04:5705:51 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 16 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
- 16 अगस्त 2024 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 16 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 16 अगस्त 2024 का नक्षत्र मूल और योग विष्कुम्भ है।
- 16 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:51 पर तथा सूर्यास्त 18:59 पर होगा।
- 16 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:46–12:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

