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शनिवार, 16 अगस्त 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शनिवार है। अष्टमी तिथि 21:34 बजे तक, फिर नवमी 19:24 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 06:05 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 04:38 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 07:20 बजे तक, फिर ध्रुव योग 04:27 (कल) बजे तक। बालव करण 10:42 बजे तक, उसके बाद कौलव 21:34 बजे तक, फिर तैतिल 08:29 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:08 से 10:46) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन23:50उसी दिन21:34

    • कृष्ण नवमी

      उसी दिन21:34अगले दिन19:24

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन07:35उसी दिन06:05

    • कृत्तिका

      उसी दिन06:05अगले दिन04:38

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वृद्धि

      पिछले दिन10:15उसी दिन07:20

    • ध्रुव

      उसी दिन07:20अगले दिन04:27

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      पिछले दिन23:50उसी दिन10:42

    • कौलव

      उसी दिन10:42उसी दिन21:34

    • तैतिल

      उसी दिन21:34अगले दिन08:29

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · शनि

00061218काल · 05:50 – 07:29शुभ · 07:29 – 09:08रोग · 09:08 – 10:46उद्वेग · 10:46 – 12:25चल · 12:25 – 14:03लाभ · 14:03 – 15:42अमृत · 15:42 – 17:20काल · 17:20 – 18:59काल · 18:59 – 20:21लाभ · 20:21 – 21:42उद्वेग · 21:42 – 23:04शुभ · 23:04 – 00:25अमृत · 00:25 – 01:47चल · 01:47 – 03:08रोग · 03:08 – 04:30काल · 04:30 – 05:51काल · 05:50 – 07:29चल · 07:29 – 09:08उद्योग · 09:08 – 10:46अमृत · 10:46 – 12:25लाभ · 12:25 – 14:03रोग · 14:03 – 15:42शुभ · 15:42 – 17:20शून्य · 17:20 – 18:59अमृत · 18:59 – 20:21रोग · 20:21 – 21:42शून्य · 21:42 – 23:04उद्योग · 23:04 – 00:25शुभ · 00:25 – 01:47लाभ · 01:47 – 03:08चल · 03:08 – 04:30काल · 04:30 – 05:51ब्रह्म मुहूर्त · 04:24 – 05:07अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:51अमृत काल · 01:35 – 03:05राहु काल · 09:08 – 10:46यमगण्ड काल · 14:03 – 15:42गुलिक काल · 05:50 – 07:29वर्ज्यम् · 16:35 – 18:05शनि · 05:50 – 06:56गुरु · 06:56 – 08:02मंगल · 08:02 – 09:08सूर्य · 09:08 – 10:13शुक्र · 10:13 – 11:19बुध · 11:19 – 12:25चंद्र · 12:25 – 13:30शनि · 13:30 – 14:36गुरु · 14:36 – 15:42मंगल · 15:42 – 16:48सूर्य · 16:48 – 17:53शुक्र · 17:53 – 18:59बुध · 18:59 – 19:53चंद्र · 19:53 – 20:48शनि · 20:48 – 21:42गुरु · 21:42 – 22:36मंगल · 22:36 – 23:31सूर्य · 23:31 – 00:25शुक्र · 00:25 – 01:19बुध · 01:19 – 02:14चंद्र · 02:14 – 03:08शनि · 03:08 – 04:02गुरु · 04:02 – 04:57मंगल · 04:57 – 05:51

16 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 39 मि
05:50
07:29
09:08
10:46
12:25
14:03
15:42
17:20

रात के समय

8·1 घं 22 मि
18:59
20:21
21:42
23:04
00:25
01:47
03:08
04:30

दिन के समय

8·1 घं 39 मि
05:50
07:29
09:08
10:46
12:25
14:03
15:42
17:20

रात के समय

8·1 घं 22 मि
18:59
20:21
21:42
23:04
00:25
01:47
03:08
04:30
04:2405:07
11:5812:51
01:3503:05
09:0810:46
14:0315:42
05:5007:29
16:3518:05

दिन के घंटे

12·1 घं 6 मि
05:50
06:56
08:02
09:08
10:13
11:19
12:25
13:30
14:36
15:42
16:48
17:53

रात के घंटे

12·54 मि
18:59
19:53
20:48
21:42
22:36
23:31
00:25
01:19
02:14
03:08
04:02
04:57

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
16 अगस्त 2025 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
16 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
16 अगस्त 2025 का नक्षत्र भरणी और योग वृद्धि है।
16 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:50 पर तथा सूर्यास्त 18:59 पर होगा।
16 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 09:08–10:46 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।