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Kundli GPT

रविवार, 16 अगस्त 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज रविवार है। चतुर्थी तिथि 16:52 बजे तक, फिर पंचमी 17:00 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 03:50 (कल) बजे तक, उसके बाद चित्रा 04:58 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 04:06 (कल) बजे तक, फिर शुभ योग 03:27 (कल) बजे तक। विष्टि करण 16:52 बजे तक, उसके बाद बव 04:51 (कल) बजे तक, फिर बालव 17:00 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:21 से 18:59) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन 17:29 उसी दिन 16:52

    • शुक्ल पंचमी

      उसी दिन 16:52 अगले दिन 17:00

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • श्रावण · भाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त · पाद 1

      उसी दिन 03:24 अगले दिन 03:50

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      उसी दिन 05:19 अगले दिन 04:06

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      उसी दिन 05:05 उसी दिन 16:52

    • बव

      उसी दिन 16:52 अगले दिन 04:51

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 05:50 – 07:29 चल · 07:29 – 09:08 लाभ · 09:08 – 10:46 अमृत · 10:46 – 12:25 काल · 12:25 – 14:03 शुभ · 14:03 – 15:42 रोग · 15:42 – 17:21 उद्वेग · 17:21 – 18:59 शुभ · 18:59 – 20:21 अमृत · 20:21 – 21:42 चल · 21:42 – 23:04 रोग · 23:04 – 00:25 काल · 00:25 – 01:47 लाभ · 01:47 – 03:08 उद्वेग · 03:08 – 04:29 शुभ · 04:29 – 05:51 उद्योग · 05:50 – 07:29 अमृत · 07:29 – 09:08 काल · 09:08 – 10:46 शुभ · 10:46 – 12:25 रोग · 12:25 – 14:03 शून्य · 14:03 – 15:42 लाभ · 15:42 – 17:21 चल · 17:21 – 18:59 शून्य · 18:59 – 20:21 लाभ · 20:21 – 21:42 चल · 21:42 – 23:04 रोग · 23:04 – 00:25 काल · 00:25 – 01:47 शुभ · 01:47 – 03:08 अमृत · 03:08 – 04:29 उद्योग · 04:29 – 05:51 ब्रह्म मुहूर्त · 04:24 – 05:07 अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:51 अमृत काल · 21:43 – 23:21 राहु काल · 17:21 – 18:59 यमगण्ड काल · 12:25 – 14:03 गुलिक काल · 15:42 – 17:21 वर्ज्यम् · 11:57 – 13:35 सूर्य · 05:50 – 06:56 शुक्र · 06:56 – 08:02 बुध · 08:02 – 09:08 चंद्र · 09:08 – 10:13 शनि · 10:13 – 11:19 गुरु · 11:19 – 12:25 मंगल · 12:25 – 13:31 सूर्य · 13:31 – 14:36 शुक्र · 14:36 – 15:42 बुध · 15:42 – 16:48 चंद्र · 16:48 – 17:54 शनि · 17:54 – 18:59 गुरु · 18:59 – 19:54 मंगल · 19:54 – 20:48 सूर्य · 20:48 – 21:42 शुक्र · 21:42 – 22:36 बुध · 22:36 – 23:31 चंद्र · 23:31 – 00:25 शनि · 00:25 – 01:19 गुरु · 01:19 – 02:14 मंगल · 02:14 – 03:08 सूर्य · 03:08 – 04:02 शुक्र · 04:02 – 04:57 बुध · 04:57 – 05:51

16 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 39 मि
05:50
07:29
09:08
10:46
12:25
14:03
15:42
17:21

रात के समय

8 · 1 घं 21 मि
18:59
20:21
21:42
23:04
00:25
01:47
03:08
04:29

दिन के समय

8 · 1 घं 39 मि
05:50
07:29
09:08
10:46
12:25
14:03
15:42
17:21

रात के समय

8 · 1 घं 21 मि
18:59
20:21
21:42
23:04
00:25
01:47
03:08
04:29
04:24 05:07
11:59 12:51
21:43 23:21
17:21 18:59
12:25 14:03
15:42 17:21
11:57 13:35

दिन के घंटे

12 · 1 घं 6 मि
05:50
06:56
08:02
09:08
10:13
11:19
12:25
13:31
14:36
15:42
16:48
17:54

रात के घंटे

12 · 54 मि
18:59
19:54
20:48
21:42
22:36
23:31
00:25
01:19
02:14
03:08
04:02
04:57

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
16 अगस्त 2026 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
16 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
16 अगस्त 2026 का नक्षत्र हस्त और योग साध्य है।
16 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:50 पर तथा सूर्यास्त 18:59 पर होगा।
16 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 17:21–18:59 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।