रविवार, 17 अगस्त 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। नवमी तिथि 19:24 बजे तक, फिर दशमी 17:22 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 03:17 (कल) बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 02:05 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 01:39 (कल) बजे तक, फिर हर्षण योग 22:58 (कल) बजे तक। तैतिल करण 08:29 बजे तक, उसके बाद गर 19:24 बजे तक, फिर वणिज 06:22 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:20 से 18:58) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण नवमी
पिछले दिन21:34उसी दिन19:24
कृष्ण दशमी
उसी दिन19:24अगले दिन17:22
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
रोहिणी · पाद 1
उसी दिन04:38अगले दिन03:17
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
व्याघात
उसी दिन04:27अगले दिन01:39
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
पिछले दिन21:34उसी दिन08:29
गर
उसी दिन08:29उसी दिन19:24
वणिज
उसी दिन19:24अगले दिन06:22
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण नवमी · रवि
17 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:5107:29 | ||
| 07:2909:08 | ||
| 09:0810:46 | ||
| 10:4612:25 | ||
| 12:2514:03 | ||
| 14:0315:41 | ||
| 15:4117:20 | ||
| 17:2018:58 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5820:20 | ||
| 20:2021:41 | ||
| 21:4123:03 | ||
| 23:0300:25 | ||
| 00:2501:46 | ||
| 01:4603:08 | ||
| 03:0804:30 | ||
| 04:3005:52 |
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:5107:29 | ||
| 07:2909:08 | ||
| 09:0810:46 | ||
| 10:4612:25 | ||
| 12:2514:03 | ||
| 14:0315:41 | ||
| 15:4117:20 | ||
| 17:2018:58 |
रात के समय
8·1 घं 22 मि| 18:5820:20 | ||
| 20:2021:41 | ||
| 21:4123:03 | ||
| 23:0300:25 | ||
| 00:2501:46 | ||
| 01:4603:08 | ||
| 03:0804:30 | ||
| 04:3005:52 |
| 04:24→05:08 | ||
| 11:58→12:51 | ||
| 00:15→01:46 | ||
| 17:20→18:58 | ||
| 12:25→14:03 | ||
| 15:41→17:20 | ||
| 19:44→21:14 |
दिन के घंटे
12·1 घं 6 मि| 05:5106:57 | ||
| 06:5708:02 | ||
| 08:0209:08 | ||
| 09:0810:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:25 | ||
| 12:2513:30 | ||
| 13:3014:36 | ||
| 14:3615:41 | ||
| 15:4116:47 | ||
| 16:4717:52 | ||
| 17:5218:58 |
रात के घंटे
12·54 मि| 18:5819:53 | ||
| 19:5320:47 | ||
| 20:4721:41 | ||
| 21:4122:36 | ||
| 22:3623:30 | ||
| 23:3000:25 | ||
| 00:2501:19 | ||
| 01:1902:14 | ||
| 02:1403:08 | ||
| 03:0804:03 | ||
| 04:0304:57 | ||
| 04:5705:52 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 17 अगस्त 2025 की तिथि क्या है?
- 17 अगस्त 2025 की तिथि कृष्ण नवमी है।
- 17 अगस्त 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 17 अगस्त 2025 का नक्षत्र रोहिणी और योग व्याघात है।
- 17 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:51 पर तथा सूर्यास्त 18:58 पर होगा।
- 17 अगस्त 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:20–18:58 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

