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शनिवार, 17 अगस्त 2024

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शनिवार है। द्वादशी तिथि 08:06 बजे तक, फिर त्रयोदशी 05:51 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 11:48 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 10:14 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 10:46 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 07:49 (कल) बजे तक। बालव करण 08:06 बजे तक, उसके बाद कौलव 19:03 बजे तक, फिर तैतिल 05:51 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:08 से 10:46) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वादशी

      पिछले दिन09:40उसी दिन08:06

    • शुक्ल त्रयोदशी

      उसी दिन08:06अगले दिन05:51

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन12:43उसी दिन11:48

    • उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन11:48अगले दिन10:14

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • प्रीति

      पिछले दिन13:10उसी दिन10:46

    • आयुष्मान्

      उसी दिन10:46अगले दिन07:49

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      पिछले दिन20:58उसी दिन08:06

    • कौलव

      उसी दिन08:06उसी दिन19:03

    • तैतिल

      उसी दिन19:03अगले दिन05:51

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वादशी · शनि

00061218काल · 05:51 – 07:29शुभ · 07:29 – 09:08रोग · 09:08 – 10:46उद्वेग · 10:46 – 12:24चल · 12:24 – 14:03लाभ · 14:03 – 15:41अमृत · 15:41 – 17:19काल · 17:19 – 18:58काल · 18:58 – 20:20लाभ · 20:20 – 21:41उद्वेग · 21:41 – 23:03शुभ · 23:03 – 00:25अमृत · 00:25 – 01:46चल · 01:46 – 03:08रोग · 03:08 – 04:30काल · 04:30 – 05:52काल · 05:51 – 07:29चल · 07:29 – 09:08उद्योग · 09:08 – 10:46अमृत · 10:46 – 12:24लाभ · 12:24 – 14:03रोग · 14:03 – 15:41शुभ · 15:41 – 17:19शून्य · 17:19 – 18:58अमृत · 18:58 – 20:20रोग · 20:20 – 21:41शून्य · 21:41 – 23:03उद्योग · 23:03 – 00:25शुभ · 00:25 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:08चल · 03:08 – 04:30काल · 04:30 – 05:52ब्रह्म मुहूर्त · 04:24 – 05:08अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:51अमृत काल · 07:11 – 08:43राहु काल · 09:08 – 10:46यमगण्ड काल · 14:03 – 15:41गुलिक काल · 05:51 – 07:29वर्ज्यम् · 21:57 – 23:29शनि · 05:51 – 06:57गुरु · 06:57 – 08:02मंगल · 08:02 – 09:08सूर्य · 09:08 – 10:13शुक्र · 10:13 – 11:19बुध · 11:19 – 12:24चंद्र · 12:24 – 13:30शनि · 13:30 – 14:36गुरु · 14:36 – 15:41मंगल · 15:41 – 16:47सूर्य · 16:47 – 17:52शुक्र · 17:52 – 18:58बुध · 18:58 – 19:52चंद्र · 19:52 – 20:47शनि · 20:47 – 21:41गुरु · 21:41 – 22:36मंगल · 22:36 – 23:30सूर्य · 23:30 – 00:25शुक्र · 00:25 – 01:19बुध · 01:19 – 02:14चंद्र · 02:14 – 03:08शनि · 03:08 – 04:03गुरु · 04:03 – 04:57मंगल · 04:57 – 05:52

17 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 38 मि
05:51
07:29
09:08
10:46
12:24
14:03
15:41
17:19

रात के समय

8·1 घं 22 मि
18:58
20:20
21:41
23:03
00:25
01:46
03:08
04:30

दिन के समय

8·1 घं 38 मि
05:51
07:29
09:08
10:46
12:24
14:03
15:41
17:19

रात के समय

8·1 घं 22 मि
18:58
20:20
21:41
23:03
00:25
01:46
03:08
04:30
04:2405:08
11:5812:51
07:1108:43
09:0810:46
14:0315:41
05:5107:29
21:5723:29

दिन के घंटे

12·1 घं 6 मि
05:51
06:57
08:02
09:08
10:13
11:19
12:24
13:30
14:36
15:41
16:47
17:52

रात के घंटे

12·54 मि
18:58
19:52
20:47
21:41
22:36
23:30
00:25
01:19
02:14
03:08
04:03
04:57

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
17 अगस्त 2024 की तिथि शुक्ल द्वादशी है।
17 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
17 अगस्त 2024 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग प्रीति है।
17 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:51 पर तथा सूर्यास्त 18:58 पर होगा।
17 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 09:08–10:46 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।