शुक्रवार, 23 अगस्त 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। चतुर्थी तिथि 10:39 बजे तक, फिर पंचमी 07:52 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 19:53 बजे तक, उसके बाद अश्विनी 18:05 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शूल 09:30 बजे तक, फिर गण्ड योग 06:07 (कल) बजे तक। बालव करण 10:39 बजे तक, उसके बाद कौलव 21:12 बजे तक, फिर तैतिल 07:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:46 से 12:23) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्थी
पिछले दिन13:46उसी दिन10:39
कृष्ण पंचमी
उसी दिन10:39अगले दिन07:52
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
रेवती
पिछले दिन22:05उसी दिन19:53
अश्विनी
उसी दिन19:53अगले दिन18:05
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
शूल
पिछले दिन13:09उसी दिन09:30
गण्ड
उसी दिन09:30अगले दिन06:07
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन00:10उसी दिन10:39
कौलव
उसी दिन10:39उसी दिन21:12
तैतिल
उसी दिन21:12अगले दिन07:52
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · शुक्र
23 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:31 | ||
| 07:3109:09 | ||
| 09:0910:46 | ||
| 10:4612:23 | ||
| 12:2314:00 | ||
| 14:0015:37 | ||
| 15:3717:15 | ||
| 17:1518:52 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:5220:15 | ||
| 20:1521:37 | ||
| 21:3723:00 | ||
| 23:0000:23 | ||
| 00:2301:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:32 | ||
| 04:3205:55 |
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:31 | ||
| 07:3109:09 | ||
| 09:0910:46 | ||
| 10:4612:23 | ||
| 12:2314:00 | ||
| 14:0015:37 | ||
| 15:3717:15 | ||
| 17:1518:52 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:5220:15 | ||
| 20:1521:37 | ||
| 21:3723:00 | ||
| 23:0000:23 | ||
| 00:2301:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:32 | ||
| 04:3205:55 |
| 04:26→05:10 | ||
| 11:57→12:49 | ||
| 17:43→19:10 | ||
| 10:46→12:23 | ||
| 15:37→17:15 | ||
| 07:31→09:09 | ||
| 08:59→10:26 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:5406:59 | ||
| 06:5908:04 | ||
| 08:0409:09 | ||
| 09:0910:13 | ||
| 10:1311:18 | ||
| 11:1812:23 | ||
| 12:2313:28 | ||
| 13:2814:33 | ||
| 14:3315:37 | ||
| 15:3716:42 | ||
| 16:4217:47 | ||
| 17:4718:52 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:5219:47 | ||
| 19:4720:42 | ||
| 20:4221:37 | ||
| 21:3722:33 | ||
| 22:3323:28 | ||
| 23:2800:23 | ||
| 00:2301:19 | ||
| 01:1902:14 | ||
| 02:1403:09 | ||
| 03:0904:04 | ||
| 04:0405:00 | ||
| 05:0005:55 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 23 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
- 23 अगस्त 2024 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
- 23 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 23 अगस्त 2024 का नक्षत्र रेवती और योग शूल है।
- 23 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:54 पर तथा सूर्यास्त 18:52 पर होगा।
- 23 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:46–12:23 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

