मंगलवार, 27 अगस्त 2024
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। नवमी तिथि 01:33 (कल) बजे तक, फिर दशमी 01:20 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 15:37 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 15:52 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग हर्षण 20:30 बजे तक, फिर वज्र योग 19:10 (कल) बजे तक। तैतिल करण 13:52 बजे तक, उसके बाद गर 01:33 (कल) बजे तक, फिर वणिज 13:22 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:35 से 17:11) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण नवमी
उसी दिन 02:20 अगले दिन 01:33
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
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मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
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भाद्रपद · आश्विन
नक्षत्र · योग · करण
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रोहिणी
पिछले दिन 15:54 उसी दिन 15:37
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मृगशिरा
उसी दिन 15:37 अगले दिन 15:52
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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हर्षण
पिछले दिन 22:15 उसी दिन 20:30
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वज्र
उसी दिन 20:30 अगले दिन 19:10
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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तैतिल
उसी दिन 02:20 उसी दिन 13:52
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गर
उसी दिन 13:52 अगले दिन 01:33
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण नवमी · मंगल
27 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 36 मि| 05:56 07:33 | ||
| 07:33 09:09 | ||
| 09:09 10:46 | ||
| 10:46 12:22 | ||
| 12:22 13:58 | ||
| 13:58 15:35 | ||
| 15:35 17:11 | ||
| 17:11 18:47 |
रात के समय
8 · 1 घं 24 मि| 18:47 20:11 | ||
| 20:11 21:35 | ||
| 21:35 22:58 | ||
| 22:58 00:22 | ||
| 00:22 01:46 | ||
| 01:46 03:09 | ||
| 03:09 04:33 | ||
| 04:33 05:57 |
दिन के समय
8 · 1 घं 36 मि| 05:56 07:33 | ||
| 07:33 09:09 | ||
| 09:09 10:46 | ||
| 10:46 12:22 | ||
| 12:22 13:58 | ||
| 13:58 15:35 | ||
| 15:35 17:11 | ||
| 17:11 18:47 |
रात के समय
8 · 1 घं 24 मि| 18:47 20:11 | ||
| 20:11 21:35 | ||
| 21:35 22:58 | ||
| 22:58 00:22 | ||
| 00:22 01:46 | ||
| 01:46 03:09 | ||
| 03:09 04:33 | ||
| 04:33 05:57 |
| 04:27 → 05:12 | ||
| 11:56 → 12:48 | ||
| 12:27 → 14:02 | ||
| 15:35 → 17:11 | ||
| 09:09 → 10:46 | ||
| 12:22 → 13:58 | ||
| 07:43 → 09:18 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 4 मि| 05:56 07:01 | ||
| 07:01 08:05 | ||
| 08:05 09:09 | ||
| 09:09 10:13 | ||
| 10:13 11:18 | ||
| 11:18 12:22 | ||
| 12:22 13:26 | ||
| 13:26 14:30 | ||
| 14:30 15:35 | ||
| 15:35 16:39 | ||
| 16:39 17:43 | ||
| 17:43 18:47 |
रात के घंटे
12 · 56 मि| 18:47 19:43 | ||
| 19:43 20:39 | ||
| 20:39 21:35 | ||
| 21:35 22:31 | ||
| 22:31 23:26 | ||
| 23:26 00:22 | ||
| 00:22 01:18 | ||
| 01:18 02:14 | ||
| 02:14 03:09 | ||
| 03:09 04:05 | ||
| 04:05 05:01 | ||
| 05:01 05:57 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
- 27 अगस्त 2024 की तिथि कृष्ण नवमी है।
- 27 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 27 अगस्त 2024 का नक्षत्र रोहिणी और योग हर्षण है।
- 27 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:56 पर तथा सूर्यास्त 18:47 पर होगा।
- 27 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:35–17:11 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।