सोमवार, 5 अगस्त 2024
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। प्रतिपदा तिथि 18:03 बजे तक, फिर द्वितीया 19:52 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 15:21 बजे तक, उसके बाद मघा 17:43 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 10:36 बजे तक, फिर वरीयान् योग 10:58 (कल) बजे तक। बव करण 18:03 बजे तक, उसके बाद बालव 06:55 (कल) बजे तक, फिर कौलव 19:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:25 से 09:06) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल प्रतिपदा
पिछले दिन16:42उसी दिन18:03
शुक्ल द्वितीया
उसी दिन18:03अगले दिन19:52
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
आश्लेषा
पिछले दिन13:25उसी दिन15:21
मघा
उसी दिन15:21अगले दिन17:43
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
व्यतीपात
पिछले दिन10:37उसी दिन10:36
वरीयान्
उसी दिन10:36अगले दिन10:58
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बव
उसी दिन05:19उसी दिन18:03
बालव
उसी दिन18:03अगले दिन06:55
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · सोम
5 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:4507:25 | ||
| 07:2509:06 | ||
| 09:0610:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:07 | ||
| 14:0715:47 | ||
| 15:4717:28 | ||
| 17:2819:08 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 19:0820:28 | ||
| 20:2821:48 | ||
| 21:4823:07 | ||
| 23:0700:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:06 | ||
| 03:0604:26 | ||
| 04:2605:45 |
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:4507:25 | ||
| 07:2509:06 | ||
| 09:0610:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:07 | ||
| 14:0715:47 | ||
| 15:4717:28 | ||
| 17:2819:08 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 19:0820:28 | ||
| 20:2821:48 | ||
| 21:4823:07 | ||
| 23:0700:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:06 | ||
| 03:0604:26 | ||
| 04:2605:45 |
| 04:20→05:02 | ||
| 12:00→12:53 | ||
| 13:37→15:21 | ||
| 07:25→09:06 | ||
| 10:46→12:26 | ||
| 14:07→15:47 | ||
| 03:15→04:58 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:4506:52 | ||
| 06:5207:59 | ||
| 07:5909:06 | ||
| 09:0610:12 | ||
| 10:1211:19 | ||
| 11:1912:26 | ||
| 12:2613:33 | ||
| 13:3314:40 | ||
| 14:4015:47 | ||
| 15:4716:54 | ||
| 16:5418:01 | ||
| 18:0119:08 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:0820:01 | ||
| 20:0120:55 | ||
| 20:5521:48 | ||
| 21:4822:41 | ||
| 22:4123:34 | ||
| 23:3400:27 | ||
| 00:2701:20 | ||
| 01:2002:13 | ||
| 02:1303:06 | ||
| 03:0603:59 | ||
| 03:5904:52 | ||
| 04:5205:45 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 अगस्त 2024 की तिथि क्या है?
- 5 अगस्त 2024 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 5 अगस्त 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 5 अगस्त 2024 का नक्षत्र आश्लेषा और योग व्यतीपात है।
- 5 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:45 पर तथा सूर्यास्त 19:08 पर होगा।
- 5 अगस्त 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:25–09:06 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

