रविवार, 22 अगस्त 2027
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। पंचमी तिथि 20:45 बजे तक, फिर षष्ठी 20:53 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 11:10 बजे तक, उसके बाद अश्विनी 12:10 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 02:18 (कल) बजे तक, फिर वृद्धि योग 01:16 (कल) बजे तक। कौलव करण 08:29 बजे तक, उसके बाद तैतिल 20:45 बजे तक, फिर गर 08:53 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:16 से 18:54) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण पंचमी
पिछले दिन20:05उसी दिन20:45
कृष्ण षष्ठी
उसी दिन20:45अगले दिन20:53
पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
रेवती
पिछले दिन09:38उसी दिन11:10
अश्विनी
उसी दिन11:10अगले दिन12:10
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
गण्ड
उसी दिन02:52अगले दिन02:18
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
कौलव
पिछले दिन20:05उसी दिन08:29
तैतिल
उसी दिन08:29उसी दिन20:45
गर
उसी दिन20:45अगले दिन08:53
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण पंचमी · रवि
22 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:5307:31 | ||
| 07:3109:08 | ||
| 09:0810:46 | ||
| 10:4612:23 | ||
| 12:2314:01 | ||
| 14:0115:38 | ||
| 15:3817:16 | ||
| 17:1618:54 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:5420:16 | ||
| 20:1621:39 | ||
| 21:3923:01 | ||
| 23:0100:24 | ||
| 00:2401:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:31 | ||
| 04:3105:54 |
दिन के समय
8·1 घं 38 मि| 05:5307:31 | ||
| 07:3109:08 | ||
| 09:0810:46 | ||
| 10:4612:23 | ||
| 12:2314:01 | ||
| 14:0115:38 | ||
| 15:3817:16 | ||
| 17:1618:54 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:5420:16 | ||
| 20:1621:39 | ||
| 21:3923:01 | ||
| 23:0100:24 | ||
| 00:2401:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:31 | ||
| 04:3105:54 |
| 04:26→05:09 | ||
| 11:57→12:49 | ||
| 08:37→10:19 | ||
| 17:16→18:54 | ||
| 12:23→14:01 | ||
| 15:38→17:16 | ||
| 22:24→00:06 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:5306:58 | ||
| 06:5808:03 | ||
| 08:0309:08 | ||
| 09:0810:13 | ||
| 10:1311:18 | ||
| 11:1812:23 | ||
| 12:2313:28 | ||
| 13:2814:33 | ||
| 14:3315:38 | ||
| 15:3816:43 | ||
| 16:4317:49 | ||
| 17:4918:54 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:5419:49 | ||
| 19:4920:44 | ||
| 20:4421:39 | ||
| 21:3922:34 | ||
| 22:3423:29 | ||
| 23:2900:24 | ||
| 00:2401:19 | ||
| 01:1902:14 | ||
| 02:1403:09 | ||
| 03:0904:04 | ||
| 04:0404:59 | ||
| 04:5905:54 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 अगस्त 2027 की तिथि क्या है?
- 22 अगस्त 2027 की तिथि कृष्ण पंचमी है।
- 22 अगस्त 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 22 अगस्त 2027 का नक्षत्र रेवती और योग गण्ड है।
- 22 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:53 पर तथा सूर्यास्त 18:54 पर होगा।
- 22 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:16–18:54 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

