रविवार, 23 अगस्त 2026
दैनिक पंचांग
आज रविवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। पुत्रदा एकादशी तिथि कल तड़के तक है, फिर द्वादशी शुरू होगी। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में शाम तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:57 से 12:49 बजे तक, और राहु काल में न करें, 17:15 से 18:52 बजे तक। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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पुत्रदा एकादशी
उसी दिन 02:00 अगले दिन 04:19 तक
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
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रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
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मूल
पिछले दिन 14:48 उसी दिन 17:43 तक
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फिर
पूर्व आषाढ़ा
उसी दिन 17:43 अगले दिन 20:27
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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विष्कुम्भ
पिछले दिन 05:17 उसी दिन 06:12 तक
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फिर
प्रीति
उसी दिन 06:12 अगले दिन 07:02
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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वणिज
उसी दिन 02:00 उसी दिन 15:11 तक
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फिर
विष्टि
उसी दिन 15:11 अगले दिन 04:19
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · रवि
23 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:31 | ||
| 07:3109:09 | ||
| 09:0910:46 | ||
| 10:4612:23 | ||
| 12:2314:00 | ||
| 14:0015:38 | ||
| 15:3817:15 | ||
| 17:1518:52 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:5220:15 | ||
| 20:1521:38 | ||
| 21:3823:01 | ||
| 23:0100:23 | ||
| 00:2301:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:32 | ||
| 04:3205:55 |
दिन के समय
8·1 घं 37 मि| 05:5407:31 | ||
| 07:3109:09 | ||
| 09:0910:46 | ||
| 10:4612:23 | ||
| 12:2314:00 | ||
| 14:0015:38 | ||
| 15:3817:15 | ||
| 17:1518:52 |
रात के समय
8·1 घं 23 मि| 18:5220:15 | ||
| 20:1521:38 | ||
| 21:3823:01 | ||
| 23:0100:23 | ||
| 00:2301:46 | ||
| 01:4603:09 | ||
| 03:0904:32 | ||
| 04:3205:55 |
| 04:26→05:10 | ||
| 11:57→12:49 | ||
| 10:33→12:20 | ||
| 17:15→18:52 | ||
| 12:23→14:00 | ||
| 15:38→17:15 | ||
| 23:47→01:34 |
दिन के घंटे
12·1 घं 5 मि| 05:5406:59 | ||
| 06:5908:04 | ||
| 08:0409:09 | ||
| 09:0910:13 | ||
| 10:1311:18 | ||
| 11:1812:23 | ||
| 12:2313:28 | ||
| 13:2814:33 | ||
| 14:3315:38 | ||
| 15:3816:43 | ||
| 16:4317:47 | ||
| 17:4718:52 |
रात के घंटे
12·55 मि| 18:5219:47 | ||
| 19:4720:43 | ||
| 20:4321:38 | ||
| 21:3822:33 | ||
| 22:3323:28 | ||
| 23:2800:23 | ||
| 00:2301:19 | ||
| 01:1902:14 | ||
| 02:1403:09 | ||
| 03:0904:04 | ||
| 04:0404:59 | ||
| 04:5905:55 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 23 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
- 23 अगस्त 2026 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 23 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 23 अगस्त 2026 का नक्षत्र मूल और योग विष्कुम्भ है।
- 23 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:54 पर तथा सूर्यास्त 18:52 पर होगा।
- 23 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 17:15–18:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



