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Kundli GPT

सोमवार, 3 अगस्त 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज सोमवार है। पंचमी तिथि 22:54 बजे तक, फिर षष्ठी 22:03 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र 21:59 बजे तक, उसके बाद रेवती 21:53 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 21:12 बजे तक, फिर धृति योग 19:32 (कल) बजे तक। कौलव करण 11:08 बजे तक, उसके बाद तैतिल 22:54 बजे तक, फिर गर 10:32 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:24 से 09:05) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 23:15 उसी दिन 22:54

    • कृष्ण षष्ठी

      उसी दिन 22:54 अगले दिन 22:03

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • श्रावण · भाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर भाद्रपदा

      पिछले दिन 21:36 उसी दिन 21:59

    • रेवती

      उसी दिन 21:59 अगले दिन 21:53

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 22:28 उसी दिन 21:12

    • धृति

      उसी दिन 21:12 अगले दिन 19:32

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 23:15 उसी दिन 11:08

    • तैतिल

      उसी दिन 11:08 उसी दिन 22:54

    • गर

      उसी दिन 22:54 अगले दिन 10:32

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · सोम

00 06 12 18 अमृत · 05:43 – 07:24 काल · 07:24 – 09:05 शुभ · 09:05 – 10:46 रोग · 10:46 – 12:27 उद्वेग · 12:27 – 14:08 चल · 14:08 – 15:48 लाभ · 15:48 – 17:29 अमृत · 17:29 – 19:10 चल · 19:10 – 20:29 रोग · 20:29 – 21:49 काल · 21:49 – 23:08 लाभ · 23:08 – 00:27 उद्वेग · 00:27 – 01:46 शुभ · 01:46 – 03:05 अमृत · 03:05 – 04:25 चल · 04:25 – 05:44 चल · 05:43 – 07:24 लाभ · 07:24 – 09:05 शून्य · 09:05 – 10:46 रोग · 10:46 – 12:27 शुभ · 12:27 – 14:08 काल · 14:08 – 15:48 अमृत · 15:48 – 17:29 उद्योग · 17:29 – 19:10 उद्योग · 19:10 – 20:29 अमृत · 20:29 – 21:49 शुभ · 21:49 – 23:08 काल · 23:08 – 00:27 रोग · 00:27 – 01:46 चल · 01:46 – 03:05 लाभ · 03:05 – 04:25 शून्य · 04:25 – 05:44 ब्रह्म मुहूर्त · 04:19 – 05:01 अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54 अमृत काल · 17:07 – 18:44 राहु काल · 07:24 – 09:05 यमगण्ड काल · 10:46 – 12:27 गुलिक काल · 14:08 – 15:48 वर्ज्यम् · 07:21 – 08:59 चंद्र · 05:43 – 06:50 शनि · 06:50 – 07:58 गुरु · 07:58 – 09:05 मंगल · 09:05 – 10:12 सूर्य · 10:12 – 11:19 शुक्र · 11:19 – 12:27 बुध · 12:27 – 13:34 चंद्र · 13:34 – 14:41 शनि · 14:41 – 15:48 गुरु · 15:48 – 16:56 मंगल · 16:56 – 18:03 सूर्य · 18:03 – 19:10 शुक्र · 19:10 – 20:03 बुध · 20:03 – 20:56 चंद्र · 20:56 – 21:49 शनि · 21:49 – 22:41 गुरु · 22:41 – 23:34 मंगल · 23:34 – 00:27 सूर्य · 00:27 – 01:20 शुक्र · 01:20 – 02:13 बुध · 02:13 – 03:05 चंद्र · 03:05 – 03:58 शनि · 03:58 – 04:51 गुरु · 04:51 – 05:44

3 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 41 मि
05:43
07:24
09:05
10:46
12:27
14:08
15:48
17:29

रात के समय

8 · 1 घं 19 मि
19:10
20:29
21:49
23:08
00:27
01:46
03:05
04:25

दिन के समय

8 · 1 घं 41 मि
05:43
07:24
09:05
10:46
12:27
14:08
15:48
17:29

रात के समय

8 · 1 घं 19 मि
19:10
20:29
21:49
23:08
00:27
01:46
03:05
04:25
04:19 05:01
12:00 12:54
17:07 18:44
07:24 09:05
10:46 12:27
14:08 15:48
07:21 08:59

दिन के घंटे

12 · 1 घं 7 मि
05:43
06:50
07:58
09:05
10:12
11:19
12:27
13:34
14:41
15:48
16:56
18:03

रात के घंटे

12 · 53 मि
19:10
20:03
20:56
21:49
22:41
23:34
00:27
01:20
02:13
03:05
03:58
04:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
3 अगस्त 2026 की तिथि कृष्ण पंचमी है।
3 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
3 अगस्त 2026 का नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग सुकर्मा है।
3 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:43 पर तथा सूर्यास्त 19:10 पर होगा।
3 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 07:24–09:05 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।