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मंगलवार, 4 अगस्त 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। षष्ठी तिथि 22:03 बजे तक, फिर सप्तमी 20:42 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 21:53 बजे तक, उसके बाद अश्विनी 21:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 19:32 बजे तक, फिर शूल योग 17:27 (कल) बजे तक। गर करण 10:32 बजे तक, उसके बाद वणिज 22:03 बजे तक, फिर विष्टि 09:26 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:48 से 17:29) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण षष्ठी

      पिछले दिन22:54उसी दिन22:03

    • कृष्ण सप्तमी

      उसी दिन22:03अगले दिन20:42

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती

      पिछले दिन21:59उसी दिन21:53

    • अश्विनी

      उसी दिन21:53अगले दिन21:17

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • धृति

      पिछले दिन21:12उसी दिन19:32

    • शूल

      उसी दिन19:32अगले दिन17:27

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन22:54उसी दिन10:32

    • वणिज

      उसी दिन10:32उसी दिन22:03

    • विष्टि

      उसी दिन22:03अगले दिन09:26

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण षष्ठी · मंगल

00061218रोग · 05:44 – 07:24उद्वेग · 07:24 – 09:05चल · 09:05 – 10:46लाभ · 10:46 – 12:27अमृत · 12:27 – 14:07काल · 14:07 – 15:48शुभ · 15:48 – 17:29रोग · 17:29 – 19:10लाभ · 19:10 – 20:29उद्वेग · 20:29 – 21:48शुभ · 21:48 – 23:08अमृत · 23:08 – 00:27चल · 00:27 – 01:46रोग · 01:46 – 03:06काल · 03:06 – 04:25लाभ · 04:25 – 05:44रोग · 05:44 – 07:24काल · 07:24 – 09:05लाभ · 09:05 – 10:46उद्योग · 10:46 – 12:27चल · 12:27 – 14:07अमृत · 14:07 – 15:48शून्य · 15:48 – 17:29शुभ · 17:29 – 19:10काल · 19:10 – 20:29शून्य · 20:29 – 21:48रोग · 21:48 – 23:08लाभ · 23:08 – 00:27अमृत · 00:27 – 01:46उद्योग · 01:46 – 03:06चल · 03:06 – 04:25शुभ · 04:25 – 05:44ब्रह्म मुहूर्त · 04:19 – 05:01अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:53अमृत काल · 19:30 – 21:05राहु काल · 15:48 – 17:29यमगण्ड काल · 09:05 – 10:46गुलिक काल · 12:27 – 14:07वर्ज्यम् · 09:56 – 11:32मंगल · 05:44 – 06:51सूर्य · 06:51 – 07:58शुक्र · 07:58 – 09:05बुध · 09:05 – 10:12चंद्र · 10:12 – 11:19शनि · 11:19 – 12:27गुरु · 12:27 – 13:34मंगल · 13:34 – 14:41सूर्य · 14:41 – 15:48शुक्र · 15:48 – 16:55बुध · 16:55 – 18:02चंद्र · 18:02 – 19:10शनि · 19:10 – 20:02गुरु · 20:02 – 20:55मंगल · 20:55 – 21:48सूर्य · 21:48 – 22:41शुक्र · 22:41 – 23:34बुध · 23:34 – 00:27चंद्र · 00:27 – 01:20शनि · 01:20 – 02:13गुरु · 02:13 – 03:06मंगल · 03:06 – 03:58सूर्य · 03:58 – 04:51शुक्र · 04:51 – 05:44

4 अग॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 41 मि
05:44
07:24
09:05
10:46
12:27
14:07
15:48
17:29

रात के समय

8·1 घं 19 मि
19:10
20:29
21:48
23:08
00:27
01:46
03:06
04:25

दिन के समय

8·1 घं 41 मि
05:44
07:24
09:05
10:46
12:27
14:07
15:48
17:29

रात के समय

8·1 घं 19 मि
19:10
20:29
21:48
23:08
00:27
01:46
03:06
04:25
04:1905:01
12:0012:53
19:3021:05
15:4817:29
09:0510:46
12:2714:07
09:5611:32

दिन के घंटे

12·1 घं 7 मि
05:44
06:51
07:58
09:05
10:12
11:19
12:27
13:34
14:41
15:48
16:55
18:02

रात के घंटे

12·53 मि
19:10
20:02
20:55
21:48
22:41
23:34
00:27
01:20
02:13
03:06
03:58
04:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 अगस्त 2026 की तिथि क्या है?
4 अगस्त 2026 की तिथि कृष्ण षष्ठी है।
4 अगस्त 2026 का नक्षत्र क्या है?
4 अगस्त 2026 का नक्षत्र रेवती और योग धृति है।
4 अगस्त 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:44 पर तथा सूर्यास्त 19:10 पर होगा।
4 अगस्त 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:48–17:29 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।