शनिवार, 7 अगस्त 2027
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। षष्ठी तिथि 23:01 बजे तक, फिर सप्तमी 22:24 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 06:24 बजे तक, उसके बाद चित्रा 06:00 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 22:41 बजे तक, फिर शुभ योग 21:09 (कल) बजे तक। कौलव करण 11:36 बजे तक, उसके बाद तैतिल 23:01 बजे तक, फिर गर 10:37 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:06 से 10:46) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक श्रावण
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल षष्ठी
उसी दिन00:23उसी दिन23:01
शुक्ल सप्तमी
उसी दिन23:01अगले दिन22:24
षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तश्रावणपूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
हस्त
पिछले दिन07:32उसी दिन06:24
चित्रा
उसी दिन06:24अगले दिन06:00
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
साध्य
उसी दिन00:50उसी दिन22:41
शुभ
उसी दिन22:41अगले दिन21:09
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
उसी दिन00:23उसी दिन11:36
तैतिल
उसी दिन11:36उसी दिन23:01
गर
उसी दिन23:01अगले दिन10:37
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल षष्ठी · शनि
7 अग॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:4507:26 | ||
| 07:2609:06 | ||
| 09:0610:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:07 | ||
| 14:0715:47 | ||
| 15:4717:27 | ||
| 17:2719:07 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 19:0720:27 | ||
| 20:2721:47 | ||
| 21:4723:07 | ||
| 23:0700:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:06 | ||
| 03:0604:26 | ||
| 04:2605:46 |
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:4507:26 | ||
| 07:2609:06 | ||
| 09:0610:46 | ||
| 10:4612:26 | ||
| 12:2614:07 | ||
| 14:0715:47 | ||
| 15:4717:27 | ||
| 17:2719:07 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 19:0720:27 | ||
| 20:2721:47 | ||
| 21:4723:07 | ||
| 23:0700:27 | ||
| 00:2701:46 | ||
| 01:4603:06 | ||
| 03:0604:26 | ||
| 04:2605:46 |
| 04:20→05:03 | ||
| 12:00→12:53 | ||
| 00:41→02:13 | ||
| 09:06→10:46 | ||
| 14:07→15:47 | ||
| 05:45→07:26 | ||
| 15:32→17:04 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:4506:52 | ||
| 06:5207:59 | ||
| 07:5909:06 | ||
| 09:0610:13 | ||
| 10:1311:19 | ||
| 11:1912:26 | ||
| 12:2613:33 | ||
| 13:3314:40 | ||
| 14:4015:47 | ||
| 15:4716:54 | ||
| 16:5418:01 | ||
| 18:0119:07 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:0720:01 | ||
| 20:0120:54 | ||
| 20:5421:47 | ||
| 21:4722:40 | ||
| 22:4023:33 | ||
| 23:3300:27 | ||
| 00:2701:20 | ||
| 01:2002:13 | ||
| 02:1303:06 | ||
| 03:0603:59 | ||
| 03:5904:53 | ||
| 04:5305:46 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 अगस्त 2027 की तिथि क्या है?
- 7 अगस्त 2027 की तिथि शुक्ल षष्ठी है।
- 7 अगस्त 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 7 अगस्त 2027 का नक्षत्र हस्त और योग साध्य है।
- 7 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:45 पर तथा सूर्यास्त 19:07 पर होगा।
- 7 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:06–10:46 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

