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Kundli GPT

मंगलवार, 17 दिसंबर 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। द्वितीया तिथि 10:56 बजे तक, फिर तृतीया 10:06 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 00:43 (कल) बजे तक, उसके बाद पुष्य 00:57 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ब्रह्म 21:09 बजे तक, फिर ऐन्द्र योग 19:32 (कल) बजे तक। गर करण 10:56 बजे तक, उसके बाद वणिज 22:25 बजे तक, फिर विष्टि 10:06 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:52 से 16:09) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वितीया

      पिछले दिन 12:27 उसी दिन 10:56

    • कृष्ण तृतीया

      उसी दिन 10:56 अगले दिन 10:06

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • पौष · माघ

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु · पाद 2

      उसी दिन 01:13 अगले दिन 00:43

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • ब्रह्म

      पिछले दिन 23:21 उसी दिन 21:09

    • ऐन्द्र

      उसी दिन 21:09 अगले दिन 19:32

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन 23:37 उसी दिन 10:56

    • वणिज

      उसी दिन 10:56 उसी दिन 22:25

    • विष्टि

      उसी दिन 22:25 अगले दिन 10:06

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वितीया · मंगल

00 06 12 18 रोग · 07:07 – 08:24 उद्वेग · 08:24 – 09:42 चल · 09:42 – 10:59 लाभ · 10:59 – 12:17 अमृत · 12:17 – 13:34 काल · 13:34 – 14:52 शुभ · 14:52 – 16:09 रोग · 16:09 – 17:27 लाभ · 17:27 – 19:09 उद्वेग · 19:09 – 20:52 शुभ · 20:52 – 22:35 अमृत · 22:35 – 00:17 चल · 00:17 – 02:00 रोग · 02:00 – 03:42 काल · 03:42 – 05:25 लाभ · 05:25 – 07:08 रोग · 07:07 – 08:24 काल · 08:24 – 09:42 लाभ · 09:42 – 10:59 उद्योग · 10:59 – 12:17 चल · 12:17 – 13:34 अमृत · 13:34 – 14:52 शून्य · 14:52 – 16:09 शुभ · 16:09 – 17:27 काल · 17:27 – 19:09 शून्य · 19:09 – 20:52 रोग · 20:52 – 22:35 लाभ · 22:35 – 00:17 अमृत · 00:17 – 02:00 उद्योग · 02:00 – 03:42 चल · 03:42 – 05:25 शुभ · 05:25 – 07:08 ब्रह्म मुहूर्त · 05:18 – 06:12 अभिजित मुहूर्त · 11:56 – 12:38 अमृत काल · 22:22 – 23:56 राहु काल · 14:52 – 16:09 यमगण्ड काल · 09:42 – 10:59 गुलिक काल · 12:17 – 13:34 वर्ज्यम् · 12:58 – 14:32 मंगल · 07:07 – 07:59 सूर्य · 07:59 – 08:50 शुक्र · 08:50 – 09:42 बुध · 09:42 – 10:34 चंद्र · 10:34 – 11:25 शनि · 11:25 – 12:17 गुरु · 12:17 – 13:08 मंगल · 13:08 – 14:00 सूर्य · 14:00 – 14:52 शुक्र · 14:52 – 15:43 बुध · 15:43 – 16:35 चंद्र · 16:35 – 17:27 शनि · 17:27 – 18:35 गुरु · 18:35 – 19:43 मंगल · 19:43 – 20:52 सूर्य · 20:52 – 22:00 शुक्र · 22:00 – 23:09 बुध · 23:09 – 00:17 चंद्र · 00:17 – 01:26 शनि · 01:26 – 02:34 गुरु · 02:34 – 03:42 मंगल · 03:42 – 04:51 सूर्य · 04:51 – 05:59 शुक्र · 05:59 – 07:08

17 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 17 मि
07:07
08:24
09:42
10:59
12:17
13:34
14:52
16:09

रात के समय

8 · 1 घं 43 मि
17:27
19:09
20:52
22:35
00:17
02:00
03:42
05:25

दिन के समय

8 · 1 घं 17 मि
07:07
08:24
09:42
10:59
12:17
13:34
14:52
16:09

रात के समय

8 · 1 घं 43 मि
17:27
19:09
20:52
22:35
00:17
02:00
03:42
05:25
05:18 06:12
11:56 12:38
22:22 23:56
14:52 16:09
09:42 10:59
12:17 13:34
12:58 14:32

दिन के घंटे

12 · 52 मि
07:07
07:59
08:50
09:42
10:34
11:25
12:17
13:08
14:00
14:52
15:43
16:35

रात के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
17:27
18:35
19:43
20:52
22:00
23:09
00:17
01:26
02:34
03:42
04:51
05:59

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 दिसंबर 2024 की तिथि क्या है?
17 दिसंबर 2024 की तिथि कृष्ण द्वितीया है।
17 दिसंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
17 दिसंबर 2024 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग ब्रह्म है।
17 दिसंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:07 पर तथा सूर्यास्त 17:27 पर होगा।
17 दिसंबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 14:52–16:09 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।