बुधवार, 18 दिसंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। तृतीया तिथि 10:06 बजे तक, फिर चतुर्थी 10:03 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 00:57 (कल) बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 01:59 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 19:32 बजे तक, फिर वैधृति योग 18:33 (कल) बजे तक। विष्टि करण 10:06 बजे तक, उसके बाद बव 21:58 बजे तक, फिर बालव 10:03 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:17 से 13:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण तृतीया
पिछले दिन10:56उसी दिन10:06
कृष्ण चतुर्थी
उसी दिन10:06अगले दिन10:03
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
पुष्य · पाद 2
उसी दिन00:43अगले दिन00:57
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
ऐन्द्र
पिछले दिन21:09उसी दिन19:32
वैधृति
उसी दिन19:32अगले दिन18:33
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
पिछले दिन22:25उसी दिन10:06
बव
उसी दिन10:06उसी दिन21:58
बालव
उसी दिन21:58अगले दिन10:03
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण तृतीया · बुध
18 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:0808:25 | ||
| 08:2509:42 | ||
| 09:4211:00 | ||
| 11:0012:17 | ||
| 12:1713:35 | ||
| 13:3514:52 | ||
| 14:5216:10 | ||
| 16:1017:27 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2719:10 | ||
| 19:1020:52 | ||
| 20:5222:35 | ||
| 22:3500:18 | ||
| 00:1802:00 | ||
| 02:0003:43 | ||
| 03:4305:26 | ||
| 05:2607:08 |
दिन के समय
8·1 घं 17 मि| 07:0808:25 | ||
| 08:2509:42 | ||
| 09:4211:00 | ||
| 11:0012:17 | ||
| 12:1713:35 | ||
| 13:3514:52 | ||
| 14:5216:10 | ||
| 16:1017:27 |
रात के समय
8·1 घं 43 मि| 17:2719:10 | ||
| 19:1020:52 | ||
| 20:5222:35 | ||
| 22:3500:18 | ||
| 00:1802:00 | ||
| 02:0003:43 | ||
| 03:4305:26 | ||
| 05:2607:08 |
| 05:18→06:13 | ||
| 18:30→20:07 | ||
| 12:17→13:35 | ||
| 08:25→09:42 | ||
| 11:00→12:17 | ||
| 08:48→10:25 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:0807:59 | ||
| 07:5908:51 | ||
| 08:5109:42 | ||
| 09:4210:34 | ||
| 10:3411:26 | ||
| 11:2612:17 | ||
| 12:1713:09 | ||
| 13:0914:01 | ||
| 14:0114:52 | ||
| 14:5215:44 | ||
| 15:4416:35 | ||
| 16:3517:27 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2718:36 | ||
| 18:3619:44 | ||
| 19:4420:52 | ||
| 20:5222:01 | ||
| 22:0123:09 | ||
| 23:0900:18 | ||
| 00:1801:26 | ||
| 01:2602:34 | ||
| 02:3403:43 | ||
| 03:4304:51 | ||
| 04:5106:00 | ||
| 06:0007:08 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 18 दिसंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 18 दिसंबर 2024 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
- 18 दिसंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 18 दिसंबर 2024 का नक्षत्र पुष्य और योग ऐन्द्र है।
- 18 दिसंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:08 पर तथा सूर्यास्त 17:27 पर होगा।
- 18 दिसंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:17–13:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

