सोमवार, 30 दिसंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। अमावस्या तिथि 03:56 (कल) बजे तक, फिर प्रतिपदा 03:22 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 23:57 बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 00:03 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 20:31 बजे तक, फिर ध्रुव योग 18:58 (कल) बजे तक। चतुष्पाद करण 16:03 बजे तक, उसके बाद नाग 03:56 (कल) बजे तक, फिर किंस्तुघ्न 15:42 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:30 से 09:48) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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अमावस्या
उसी दिन 04:01 अगले दिन 03:56
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
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सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
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पौष · माघ
नक्षत्र · योग · करण
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मूल
पिछले दिन 23:21 उसी दिन 23:57
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पूर्व आषाढ़ा
उसी दिन 23:57 अगले दिन 00:03
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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वृद्धि
पिछले दिन 21:40 उसी दिन 20:31
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ध्रुव
उसी दिन 20:31 अगले दिन 18:58
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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चतुष्पाद
उसी दिन 04:01 उसी दिन 16:03
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नाग
उसी दिन 16:03 अगले दिन 03:56
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
अमावस्या · सोम
30 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 18 मि| 07:13 08:30 | ||
| 08:30 09:48 | ||
| 09:48 11:06 | ||
| 11:06 12:23 | ||
| 12:23 13:41 | ||
| 13:41 14:59 | ||
| 14:59 16:16 | ||
| 16:16 17:34 |
रात के समय
8 · 1 घं 42 मि| 17:34 19:16 | ||
| 19:16 20:59 | ||
| 20:59 22:41 | ||
| 22:41 00:23 | ||
| 00:23 02:06 | ||
| 02:06 03:48 | ||
| 03:48 05:31 | ||
| 05:31 07:13 |
दिन के समय
8 · 1 घं 18 मि| 07:13 08:30 | ||
| 08:30 09:48 | ||
| 09:48 11:06 | ||
| 11:06 12:23 | ||
| 12:23 13:41 | ||
| 13:41 14:59 | ||
| 14:59 16:16 | ||
| 16:16 17:34 |
रात के समय
8 · 1 घं 42 मि| 17:34 19:16 | ||
| 19:16 20:59 | ||
| 20:59 22:41 | ||
| 22:41 00:23 | ||
| 00:23 02:06 | ||
| 02:06 03:48 | ||
| 03:48 05:31 | ||
| 05:31 07:13 |
| 05:24 → 06:18 | ||
| 12:03 → 12:44 | ||
| 17:23 → 19:02 | ||
| 08:30 → 09:48 | ||
| 11:06 → 12:23 | ||
| 13:41 → 14:59 | ||
| 07:33 → 09:11 |
दिन के घंटे
12 · 52 मि| 07:13 08:05 | ||
| 08:05 08:56 | ||
| 08:56 09:48 | ||
| 09:48 10:40 | ||
| 10:40 11:32 | ||
| 11:32 12:23 | ||
| 12:23 13:15 | ||
| 13:15 14:07 | ||
| 14:07 14:59 | ||
| 14:59 15:50 | ||
| 15:50 16:42 | ||
| 16:42 17:34 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 8 मि| 17:34 18:42 | ||
| 18:42 19:50 | ||
| 19:50 20:59 | ||
| 20:59 22:07 | ||
| 22:07 23:15 | ||
| 23:15 00:23 | ||
| 00:23 01:32 | ||
| 01:32 02:40 | ||
| 02:40 03:48 | ||
| 03:48 04:57 | ||
| 04:57 06:05 | ||
| 06:05 07:13 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 30 दिसंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 30 दिसंबर 2024 की तिथि अमावस्या है।
- 30 दिसंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 30 दिसंबर 2024 का नक्षत्र मूल और योग वृद्धि है।
- 30 दिसंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:13 पर तथा सूर्यास्त 17:34 पर होगा।
- 30 दिसंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:30–09:48 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।