मंगलवार, 31 दिसंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। प्रतिपदा तिथि 03:22 (कल) बजे तक, फिर द्वितीया 02:24 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 00:03 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 23:45 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 18:58 बजे तक, फिर व्याघात योग 17:05 (कल) बजे तक। किंस्तुघ्न करण 15:42 बजे तक, उसके बाद बव 03:22 (कल) बजे तक, फिर बालव 14:56 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:59 से 16:17) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल प्रतिपदा
उसी दिन03:56अगले दिन03:22
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व आषाढ़ा · पाद 2
पिछले दिन23:57अगले दिन00:03
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
ध्रुव
पिछले दिन20:31उसी दिन18:58
व्याघात
उसी दिन18:58अगले दिन17:05
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
किंस्तुघ्न
उसी दिन03:56उसी दिन15:42
बव
उसी दिन15:42अगले दिन03:22
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · मंगल
31 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1308:31 | ||
| 08:3109:48 | ||
| 09:4811:06 | ||
| 11:0612:24 | ||
| 12:2413:41 | ||
| 13:4114:59 | ||
| 14:5916:17 | ||
| 16:1717:34 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3419:17 | ||
| 19:1720:59 | ||
| 20:5922:42 | ||
| 22:4200:24 | ||
| 00:2402:06 | ||
| 02:0603:49 | ||
| 03:4905:31 | ||
| 05:3107:13 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1308:31 | ||
| 08:3109:48 | ||
| 09:4811:06 | ||
| 11:0612:24 | ||
| 12:2413:41 | ||
| 13:4114:59 | ||
| 14:5916:17 | ||
| 16:1717:34 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3419:17 | ||
| 19:1720:59 | ||
| 20:5922:42 | ||
| 22:4200:24 | ||
| 00:2402:06 | ||
| 02:0603:49 | ||
| 03:4905:31 | ||
| 05:3107:13 |
| 05:24→06:19 | ||
| 12:03→12:45 | ||
| 19:13→20:50 | ||
| 14:59→16:17 | ||
| 09:48→11:06 | ||
| 12:24→13:41 | ||
| 09:35→11:11 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1308:05 | ||
| 08:0508:57 | ||
| 08:5709:48 | ||
| 09:4810:40 | ||
| 10:4011:32 | ||
| 11:3212:24 | ||
| 12:2413:16 | ||
| 13:1614:07 | ||
| 14:0714:59 | ||
| 14:5915:51 | ||
| 15:5116:43 | ||
| 16:4317:34 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3418:43 | ||
| 18:4319:51 | ||
| 19:5120:59 | ||
| 20:5922:07 | ||
| 22:0723:16 | ||
| 23:1600:24 | ||
| 00:2401:32 | ||
| 01:3202:40 | ||
| 02:4003:49 | ||
| 03:4904:57 | ||
| 04:5706:05 | ||
| 06:0507:13 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 31 दिसंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 31 दिसंबर 2024 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 31 दिसंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 31 दिसंबर 2024 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग ध्रुव है।
- 31 दिसंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:13 पर तथा सूर्यास्त 17:34 पर होगा।
- 31 दिसंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:59–16:17 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

