बुधवार, 1 जनवरी 2025
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। द्वितीया तिथि 02:24 (कल) बजे तक, फिर तृतीया 01:08 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 23:45 बजे तक, उसके बाद श्रवण 23:10 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 17:05 बजे तक, फिर हर्षण योग 14:56 (कल) बजे तक। बालव करण 14:56 बजे तक, उसके बाद कौलव 02:24 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 13:48 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:24 से 13:42) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल द्वितीया
उसी दिन03:22अगले दिन02:24
द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर आषाढ़ा
उसी दिन00:03उसी दिन23:45
श्रवण
उसी दिन23:45अगले दिन23:10
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
व्याघात
पिछले दिन18:58उसी दिन17:05
हर्षण
उसी दिन17:05अगले दिन14:56
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन03:22उसी दिन14:56
कौलव
उसी दिन14:56अगले दिन02:24
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल द्वितीया · बुध
1 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1308:31 | ||
| 08:3109:49 | ||
| 09:4911:07 | ||
| 11:0712:24 | ||
| 12:2413:42 | ||
| 13:4215:00 | ||
| 15:0016:17 | ||
| 16:1717:35 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3519:17 | ||
| 19:1721:00 | ||
| 21:0022:42 | ||
| 22:4200:24 | ||
| 00:2402:07 | ||
| 02:0703:49 | ||
| 03:4905:31 | ||
| 05:3107:14 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1308:31 | ||
| 08:3109:49 | ||
| 09:4911:07 | ||
| 11:0712:24 | ||
| 12:2413:42 | ||
| 13:4215:00 | ||
| 15:0016:17 | ||
| 16:1717:35 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3519:17 | ||
| 19:1721:00 | ||
| 21:0022:42 | ||
| 22:4200:24 | ||
| 00:2402:07 | ||
| 02:0703:49 | ||
| 03:4905:31 | ||
| 05:3107:14 |
| 05:24→06:19 | ||
| 17:26→19:01 | ||
| 12:24→13:42 | ||
| 08:31→09:49 | ||
| 11:07→12:24 | ||
| 07:57→09:32 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1308:05 | ||
| 08:0508:57 | ||
| 08:5709:49 | ||
| 09:4910:41 | ||
| 10:4111:32 | ||
| 11:3212:24 | ||
| 12:2413:16 | ||
| 13:1614:08 | ||
| 14:0815:00 | ||
| 15:0015:52 | ||
| 15:5216:43 | ||
| 16:4317:35 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3518:43 | ||
| 18:4319:52 | ||
| 19:5221:00 | ||
| 21:0022:08 | ||
| 22:0823:16 | ||
| 23:1600:24 | ||
| 00:2401:33 | ||
| 01:3302:41 | ||
| 02:4103:49 | ||
| 03:4904:57 | ||
| 04:5706:05 | ||
| 06:0507:14 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1 जनवरी 2025 की तिथि क्या है?
- 1 जनवरी 2025 की तिथि शुक्ल द्वितीया है।
- 1 जनवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 1 जनवरी 2025 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग व्याघात है।
- 1 जनवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:13 पर तथा सूर्यास्त 17:35 पर होगा।
- 1 जनवरी 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:24–13:42 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

