शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। प्रतिपदा तिथि 00:56 (कल) बजे तक, फिर द्वितीया 21:26 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 11:45 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 08:48 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 08:07 बजे तक, फिर साध्य योग 03:47 (कल) बजे तक। बालव करण 14:48 बजे तक, उसके बाद कौलव 00:56 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 11:08 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:53 से 12:11) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण प्रतिपदा
उसी दिन04:43अगले दिन00:56
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
रोहिणी
पिछले दिन14:53उसी दिन11:45
मृगशिरा
उसी दिन11:45अगले दिन08:48
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
सिद्ध
पिछले दिन12:33उसी दिन08:07
साध्य
उसी दिन08:07अगले दिन03:47
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
उसी दिन04:43उसी दिन14:48
कौलव
उसी दिन14:48अगले दिन00:56
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण प्रतिपदा · शुक्र
5 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 06:5908:17 | ||
| 08:1709:35 | ||
| 09:3510:53 | ||
| 10:5312:11 | ||
| 12:1113:29 | ||
| 13:2914:47 | ||
| 14:4716:05 | ||
| 16:0517:24 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:2419:06 | ||
| 19:0620:48 | ||
| 20:4822:30 | ||
| 22:3000:12 | ||
| 00:1201:54 | ||
| 01:5403:36 | ||
| 03:3605:18 | ||
| 05:1807:00 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 06:5908:17 | ||
| 08:1709:35 | ||
| 09:3510:53 | ||
| 10:5312:11 | ||
| 12:1113:29 | ||
| 13:2914:47 | ||
| 14:4716:05 | ||
| 16:0517:24 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:2419:06 | ||
| 19:0620:48 | ||
| 20:4822:30 | ||
| 22:3000:12 | ||
| 00:1201:54 | ||
| 01:5403:36 | ||
| 03:3605:18 | ||
| 05:1807:00 |
| 05:10→06:05 | ||
| 11:50→12:32 | ||
| 08:58→10:22 | ||
| 10:53→12:11 | ||
| 14:47→16:05 | ||
| 08:17→09:35 | ||
| 04:48→06:11 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 06:5907:51 | ||
| 07:5108:43 | ||
| 08:4309:35 | ||
| 09:3510:27 | ||
| 10:2711:19 | ||
| 11:1912:11 | ||
| 12:1113:03 | ||
| 13:0313:55 | ||
| 13:5514:47 | ||
| 14:4715:39 | ||
| 15:3916:31 | ||
| 16:3117:24 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2418:32 | ||
| 18:3219:40 | ||
| 19:4020:48 | ||
| 20:4821:56 | ||
| 21:5623:04 | ||
| 23:0400:12 | ||
| 00:1201:20 | ||
| 01:2002:28 | ||
| 02:2803:36 | ||
| 03:3604:44 | ||
| 04:4405:52 | ||
| 05:5207:00 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 दिसंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 5 दिसंबर 2025 की तिथि कृष्ण प्रतिपदा है।
- 5 दिसंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 5 दिसंबर 2025 का नक्षत्र रोहिणी और योग सिद्ध है।
- 5 दिसंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:59 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
- 5 दिसंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:53–12:11 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

